जंगली हाथी का कहर जारी, 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत से दहशत
“Seraikela-Kharsawan जिले के कुकड़ू प्रखंड में जंगली हाथी के हमले में 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई. मृतक की पहचान मुनि राम गोराई के रूप में हुई है. घटना रविवार शाम की है, जब हाथी ने अचानक हमला कर दिया.”

खरसावां : खरसावां जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे ग्रामीणों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है. ताजा घटना चांडिल रेंज के कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र से सामने आई है, जहां रविवार शाम एक जंगली हाथी ने 50 वर्षीय व्यक्ति को पटककर मार डाला. मृतक की पहचान मुनि राम गोराई के रूप में हुई है, जो कुकड़ू गांव के रहने वाले थे. बताया जा रहा है कि शाम के समय अचानक हाथी ने हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई. इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है. ग्रामीण लगातार हाथी के बढ़ते हमलों से परेशान हैं और अब प्रशासन व वन विभाग से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
लगातार हमलों से ग्रामीणों में दहशत
कुकड़ू और आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से जंगली हाथी घूम-घूमकर उत्पात मचा रहा है. शाम होते ही लोग घरों से बाहर निकलने से डरने लगे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि हाथी कभी भी गांव में घुस आता है, जिससे जान-माल का खतरा बना रहता है. इस वजह से पूरे क्षेत्र में डर का माहौल बना हुआ है.
23 दिनों में कई लोगों की गई जान
हाल के दिनों में हाथी के हमलों में कई लोगों की जान जा चुकी है. 11 अप्रैल को सापारुम गांव में एक महिला की मौत हुई थी, जबकि 25 अप्रैल को ईचागढ़ क्षेत्र में दो लोगों को हाथी ने कुचल दिया था. ताजा घटना के साथ ही बीते 23 दिनों में मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ा है, जिससे ग्रामीणों में चिंता और गुस्सा दोनों बढ़ रहे हैं.
वन विभाग से कार्रवाई की मांग तेज
ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. उनका कहना है कि हाथी को जल्द से जल्द जंगल की ओर खदेड़ा जाए और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं. लोगों का आरोप है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे आगे भी हो सकते हैं. प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है, लेकिन ग्रामीण ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं.

