“हर मंच पर रोने वाली कल्पना सोरेन विष्णुगढ़ दरिंदगी पर खामोश क्यों?” बीजेपी ने पूछे तीखे सवाल
“Kalpana Soren की चुप्पी पर बीजेपी ने तीखा हमला बोला है. Rafia Naaz ने विष्णुगढ़ कांड का जिक्र करते हुए महिला सुरक्षा को लेकर सरकार पर सवाल उठाए और CBI जांच की मांग की.”

Ranchi: झारखंड में महिला सुरक्षा को लेकर सत्तारूढ़ JMM सरकार पर बीजेपी ने हमला तेज कर दिया है. बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज़ ने पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी और सक्रिय नेता कल्पना सोरेन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो महिला खुद को “सशक्त नारी” और “शोषित नारी” बताती हैं, वे झारखंड की बेटियों के साथ हो रही जघन्य घटनाओं पर चुप क्यों हैं? राफिया नाज़ ने हजारीबाग के कुसुंभा गांव में 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ हुई निर्मम दुष्कर्म और हत्या की घटना का जिक्र करते हुए कल्पना सोरेन की चुप्पी पर तीखा प्रहार किया.
कल्पना सोरेन की चुप्पी पर सवाल
राफिया नाज़ ने कहा कि कल्पना सोरेन हर मंच पर पीड़ा व्यक्त करती दिखाई देती हैं और “झारखंड झुकेगा नहीं” तथा “Jharkhand Baang Johar Akanaa” जैसे नारे लगाती हैं, लेकिन जब झारखंड की बेटियों के साथ सबसे बर्बर घटनाएं हो रही हैं तो वे कहां हैं? हजारीबाग कुसुंभा कांड में 12 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया, उसके चेहरे को पत्थर से कुचला गया, आंखें निकाल ली गईं और जीभ काट दी गई. राफिया ने पूछा – “क्या कल्पना सोरेन ने इस मासूम बेटी के दर्द को व्यक्त करने का साहस दिखाया? नहीं.” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की उदासीनता के कारण झारखंड अपराधियों के सामने झुक गया है.
हजारीबाग कांड और सरकार की नाकामी
राफिया नाज़ ने बताया कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और अन्य नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और घटनास्थल का निरीक्षण किया. यदि बीजेपी और स्थानीय महिलाएं सड़कों पर नहीं उतरतीं तो यह मामला दबा दिया जाता. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दावोस जाने का समय निकाल सकते हैं, लेकिन हजारीबाग जाने का रास्ता उन्हें नहीं पता. राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है और झारखंड हाईकोर्ट ने भी मामले में सख्ती दिखाई है. बीजेपी अब CBI जांच की मांग कर रही है.
झारखंड में महिला सुरक्षा की गंभीर स्थिति
राफिया नाज़ ने आंकड़े देते हुए कहा कि जनवरी 2026 में झारखंड पुलिस ने 128 दुष्कर्म मामले दर्ज किए, यानी रोजाना औसतन 3-4 गंभीर अपराध. 16,162 महिला उत्पीड़न मामले लंबित हैं और 8,000 मामलों में जांच तक शुरू नहीं हुई. हाल ही में गुमला में डायन प्रथा के नाम पर बुजुर्ग महिला की हत्या, साहिबगंज में शव के टुकड़े मिलने और लिट्टीपाड़ा में पति के सामने पत्नी के साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसी घटनाएं हुईं. राफिया ने चेतावनी दी कि सरकार अगर बेटियों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित नहीं करती तो बीजेपी इसे दबने नहीं देगी.

