“गोली मार देंगे”: धनबाद के डॉक्टर को मिली खौफनाक धमकी, ICU के बाहर लिखा मिला ‘Kill’
“धनबाद शहर के महाकेश्वर कॉम्प्लेक्स में चल रहे किडनी केयर क्लिनिक के संचालक डॉ. मिहिर कुमार को जान से मारने की धमकी दी गई है. धमकी भरा पत्र उनके आईसीयू के बाहर चिपका हुआ पाया गया. ”

Dhanbad: धनबाद शहर के महाकेश्वर कॉम्प्लेक्स में चल रहे किडनी केयर क्लिनिक के संचालक डॉ. मिहिर कुमार को जान से मारने की धमकी दी गई है. धमकी भरा पत्र उनके आईसीयू के बाहर चिपका हुआ पाया गया. यह पत्र 9 फरवरी की रात को लगाया गया है, जिसमें सीधे लिखा गया था कि चार तारीख को डॉ. मिहिर की हत्या कर दी जाएगी और पुलिस से संपर्क करने पर भी जीवन सुरक्षित नहीं रहेगा. पत्र में नीचे अंग्रेजी में “kill” शब्द भी लिखा मिला, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कदम किसी आपराधिक मानसिकता से लिया गया था. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है ताकि संदिग्ध की पहचान की जा सके. डॉ. मिहिर ने इस घटना को संभवतः रंगदारी या आपराधिक दबाव से जोड़ा है और अपने व क्लिनिक कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. गांव-शहर में भय का माहौल है, क्योंकि डॉक्टरी पेशे से जुड़े लोग लगातार ऐसे हमले और दबाव की खबरों से खतरा महसूस कर रहे हैं.
कैसे मिला लेटर और क्या लिखा था
धमकी भरा पत्र आईसीयू के बाहर चिपका हुआ था और इसे सबसे पहले क्लिनिक के कर्मचारी असलम ने देखा, जिसने फोटो लेकर डॉ. मिहिर को व्हाट्सएप पर भेजी. इसके बाद डॉ. मिहिर तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी. पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि “तुम्हारी किस्मत अच्छी थी कि उस दिन ग्रुप में होने के कारण बच गए, नहीं तो गोली मार देते.” इसके साथ यह भी लिखा गया कि “जिस तरह नीरज की हत्या हुई, वैसे ही तुम्हें भी मारूंगा”, और चेतावनी दी गई कि पुलिस अधिकारियों से संपर्क करने पर भी कोई राहत नहीं मिलेगी. इस प्रकार की भाषा और सीधे समय-तारीख देना यह संकेत देता है कि यह जानबूझकर डर पैदा करने के उद्देश्य से लिखा गया है. पुलिस ने लिखित शिकायत के आधार पर धनबाद थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और मामले को गंभीरता से लेते हुए संदिग्धों की खोज शुरू कर दी है.
पुलिस जांच और सुरक्षा-व्यवस्था
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि इस घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है और जल्द से जल्द आरोपी को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी. जांच के तहत आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि खत लगाने वाला व्यक्ति किसने और कैसे आया था. पुलिस संभाग सुरक्षा-व्यवस्था पर भी विचार कर रहा है, ताकि डॉ. मिहिर और उनके क्लिनिक स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. इन जोखिम भरी धमकियों के बीच स्थानीय प्रशासन और पुलिस दोनों ही कदम उठा रहे हैं ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और चिकित्सकीय सेवाओं पर किसी भी तरह का दबाव न पड़े.

