Madhubani :
पहलगाम में आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के मधुबनी में पहली बार जनसभा को संबोधित किया. मोदी ने कहा कि यह हमला सिर्फ निहत्थे पर्यटकों पर नहीं हुआ है. देश के दुश्मनों ने भारत की आत्मा पर हमला करने का दुस्साहस किया है. मैं बहुत स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूं जिन्होंने यह हमला किया है उन आतंकियों को और इस हमले की साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी. सजा मिलकर रहेगी. अब आतंकियों की बची खुची जमीन को भी मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है. बिहार की धरती से मैं पूरी दुनिया को कहता हूं कि भारत सभी आतंकियों की पहचान कर उन्हें सजा देगी. भारत की ताकत तो आतंकवाद नहीं तोड़ सकता है. हम इस मामले में न्याय के लिए हर काम करेंगे. जो लोग मानवता में विश्वास करते हैं वो हमारे साथ हैं. एक सौ चालीस करोड़ भारतीयों की इच्छाशक्ति अब आतंक के आकाओं की कमर तोड़ कर रहेगी.
पंचायतों को मजबूत किया गया
पीएम ने कहा कि बिहार वह धरती है जहां से महात्मा गांधी ने सत्याग्रह के मंत्र का विस्तार किया था. उनका दृढ़ विश्वास था कि जब तक भारत के गांव मजबूत नहीं होंगे तब तक भारत का तेज विकास नहीं हो पाएगा. देश में पंचायती राज की परिकल्पना के पीछे यही भावना थी. बीते दशक में पंचायत को मजबूत बनाने के लिए एक के बाद एक कदम उठाए गए हैं. टेक्नोलॉजी के जरिए भी पंचायतों को मजबूत किया गया. 2 लाख से ज्यादा ग्राम पंचायतों को इंटरनेट से जोड़ा गया. साढ़े 5 लाख से ज्यादा कॉमन सर्विस सेंटर बने. 30000 नए पंचायत भवन भी बनाए गए.
2 लाख करोड़ से ज्यादा फंड पंचायतों को मिला
पीएम ने कहा बीते दशक में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली. गांव में गरीबों के घर बने सड़क बनी पक्के रास्ते बने गांव में गैस कनेक्शन पहुंचे पानी के कनेक्शन पहुंचे. शौचालय बने हैं. लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का कानून भी बनाया गया. रोजगार स्वरोजगार के नए अवसर बनाने के लिए सरकार मिशन मोड में काम कर रही है. बिहार में चल रहे जीविका दीदी के कार्यक्रम से अनेक बहनों का जीवन बदला है. बिहार की बहनों के स्वयं सहायता समूह को करीब 1000 करोड़ की मदद दी गई है. बीते 10 साल में 2 लाख करोड रुपए से ज्यादा का फंड पंचायतों को मिला है. यह सारा पैसा गांव के विकास में लगा है.
स्वागत कार्यक्रम नहीं हुआ
मधुबनी में पीएम मोदी का स्वागत कार्यक्रम नहीं हुआ. पहलगाम में हुई आतंकी घटना के बाद ये फैसला लिया गया था. पहले कार्यक्रम में पीएम के स्वागत की भव्य तैयारी थी, जिसमें पीएम को सभा स्थल पर हेलीकॉप्टर से उतरकर खुले गाड़ी में मुख्यमंत्री और पीएम को लोगों का अभिवादन स्वीकार करते जाना था. लेकिन बाद में स्वागत के कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया. पीएम सीधे हेलीकॉप्टर से उतरकर मंच पर आए.





