VIP Mango: ये है भारत का VIP आम! राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री तक पहुंचता है, खुशबू ऐसी कि कमरे में घुसते ही पता चल जाए
अगर आपको लगता है कि आम सिर्फ आम होता है, तो बिहार के जर्दालू आम के बारे में जानना जरूरी है. यह ऐसा VIP आम है जो सीधे राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री आवास तक पहुंचता है.


जैसे ही गर्मियों का मौसम आता है, हर घर में आम की बातें शुरू हो जाती हैं. कोई दशहरी का दीवाना होता है, तो किसी को चौसा पसंद है, और कुछ लोग अल्फांसो का इंतजार करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसा आम भी है, जिसे आम नहीं बल्कि "VIP आम" कहा जाता है? यह आम सीधे राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री आवास तक पहुंचता है. हम बात कर रहे हैं बिहार के भागलपुर में उगने वाले प्रसिद्ध जर्दालू आम की। यह आम सिर्फ अपने स्वाद के लिए नहीं, बल्कि अपनी खास पहचान, अनोखी खुशबू और शाही सफर के लिए भी जाना जाता है. कई लोग तो मजाक में कहते हैं कि जर्दालू आम की एंट्री किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं होती.
200 साल पुराना है इस VIP आम का इतिहास
जर्दालू आम कोई नई किस्म नहीं है. इसका इतिहास लगभग 200 साल पुराना है। कहा जाता है कि 19वीं सदी की शुरुआत में भागलपुर क्षेत्र में इसका पहला पौधा लगाया गया था. तब शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि एक दिन यही आम बिहार की पहचान बन जाएगा. भागलपुर की मिट्टी, गंगा के किनारे का वातावरण और मौसम का अनोखा मेल इस आम को खास बनाता है. यही वजह है कि इसका स्वाद और खुशबू दूसरे आमों से अलग मानी जाती है. इसकी लोकप्रियता को देखते हुए इसे GI टैग भी दिया जा चुका है, जिससे इसकी विशिष्ट पहचान को आधिकारिक मान्यता मिली. आज जर्दालू आम सिर्फ बिहार की शान नहीं बल्कि देशभर में प्रीमियम आमों की सूची में भी शामिल है.
खुशबू ऐसी कि आम दिखे न दिखे, पता चल जाएगा
जर्दालू आम की सबसे बड़ी पहचान इसकी खुशबू है। लोग कहते हैं कि अगर कमरे में एक जर्दालू आम रख दिया जाए तो उसकी महक पूरे कमरे में फैल जाती है. कई बार तो फल दिखाई देने से पहले उसकी खुशबू उसका परिचय दे देती है. यह आम आकार में बहुत बड़ा नहीं होता, लेकिन स्वाद के मामले में बड़े-बड़े आमों को पीछे छोड़ देता है. इसका गूदा मुलायम होता है, रेशा बेहद कम होता है और मिठास इतनी संतुलित होती है कि एक बार खाने के बाद दूसरा आम साधारण लगने लगता है. यही वजह है कि इसकी मांग सिर्फ बिहार या भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों तक इसकी पहुंच बन चुकी है.
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक क्यों पहुंचता है यह आम?
जर्दालू आम को VIP आम कहने की सबसे बड़ी वजह इसकी खास परंपरा है. हर साल भागलपुर के चुनिंदा बागानों से बेहतरीन जर्दालू आमों की खेप राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजी जाती है. वर्षों से चली आ रही इस परंपरा ने इसे एक अलग पहचान दिलाई है. जब किसी आम की चर्चा राष्ट्रपति भवन तक पहुंच जाए, तो उसकी लोकप्रियता का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है. यही कारण है कि जर्दालू आम को सिर्फ फल नहीं बल्कि बिहार की सांस्कृतिक और कृषि विरासत का प्रतीक माना जाता है. तो अगली बार जब आप बाजार में आम खरीदने जाएं और जर्दालू आम दिखाई दे, तो समझ लीजिए कि आपके सामने कोई साधारण आम नहीं, बल्कि "आमों का VIP" खड़ा है. आखिर हर आम को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की थाली तक पहुंचने का सम्मान नहीं मिलता.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.





Leave a comment