दो फाइटर जेट ने बढ़ाई जमशेदपुर में हलचल, रास्ता भटकने की आशंका
जमशेदपुर में गुरुवार सुबह उस समय हलचल मच गई, जब शहर के आसमान में दो फाइटर जेट उड़ते हुए दिखाई दिए. सोनारी और आसपास के इलाकों में तेज गर्जना के साथ नीचे उड़ते इन विमानों को देखकर लोग घरों से बाहर निकल आए.


Jamshedpur: झारखंड के जमशेदपुर में गुरुवार सुबह उस समय हलचल मच गई, जब शहर के आसमान में अचानक तेज गर्जना के साथ दो फाइटर जेट उड़ते हुए दिखाई दिए। सोनारी और पश्चिमी इलाकों में लोगों ने इन विमानों को काफी नीचे और तेज रफ्तार में उड़ते देखा, जिससे कुछ देर के लिए दहशत और उत्सुकता का माहौल बन गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ये भारतीय वायुसेना के SU-30MKI लड़ाकू विमान थे, जो नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान अपने तय मार्ग से भटककर शहर के एयरस्पेस में प्रवेश कर गए थे। बाद में कंट्रोल रूम की सक्रियता से स्थिति सामान्य हुई।
तेज आवाज और कम ऊंचाई ने बढ़ाई लोगों की चिंता
गुरुवार सुबह करीब 11:25 बजे जैसे ही तेज गर्जना सुनाई दी, लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। कई लोग छतों पर चढ़कर आसमान में उड़ रहे फाइटर जेट को देखने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों विमान सामान्य से काफी कम ऊंचाई पर उड़ रहे थे और उनकी रफ्तार भी काफी तेज थी।
इस वजह से पूरे इलाके में तेज आवाज गूंज उठी, जिससे बच्चों और बुजुर्गों में कुछ समय के लिए घबराहट का माहौल बन गया। हालांकि, कुछ लोग इसे रोमांचक अनुभव के रूप में भी देख रहे थे।
SU-30MKI लड़ाकू विमान होने की पुष्टि
स्थानीय सूत्रों और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आसमान में दिखे दोनों विमान भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक SU-30MKI फाइटर जेट थे। ये विमान अपनी शक्ति और तेज गति के लिए जाने जाते हैं और आमतौर पर सैन्य अभ्यास या प्रशिक्षण मिशन के दौरान ही दिखाई देते हैं।
जमशेदपुर के आसपास के इलाकों में इस तरह के विमानों की उड़ान असामान्य नहीं है, क्योंकि यह क्षेत्र पश्चिम बंगाल स्थित कलाईकुंडा एयरफोर्स स्टेशन के अपेक्षाकृत करीब है। फिर भी, शहर के ऊपर इतनी कम ऊंचाई पर इनका उड़ना लोगों के लिए चौंकाने वाला था।
रास्ता भटकने के बाद कंट्रोल रूम हुआ सक्रिय
जानकारी के अनुसार दोनों फाइटर जेट नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर थे, लेकिन किसी कारणवश वे अपने निर्धारित मार्ग से भटक गए और जमशेदपुर के एयरस्पेस में प्रवेश कर गए।
जैसे ही यह स्थिति सामने आई, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और संबंधित वायुसेना कंट्रोल रूम तुरंत सक्रिय हो गए। विमानों को रेडियो सिग्नल के माध्यम से दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि वे सुरक्षित रूप से अपने निर्धारित मार्ग पर लौट सकें।
समय रहते नियंत्रण में की गई इस कार्रवाई से किसी भी संभावित खतरे को टाल दिया गया।
कलाईकुंडा एयरबेस से जुड़े हैं उड़ान के तार
सूत्रों के मुताबिक ये दोनों लड़ाकू विमान पश्चिम बंगाल के कलाईकुंडा एयरफोर्स स्टेशन से उड़ान भरकर प्रशिक्षण मिशन पर निकले थे। यह एयरबेस भारतीय वायुसेना के महत्वपूर्ण ठिकानों में से एक है, जहां नियमित रूप से युद्धाभ्यास और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
जमशेदपुर का भौगोलिक स्थान इस एयरबेस के नजदीक होने के कारण यहां कभी-कभी सैन्य विमानों की आवाजाही देखी जाती है। हालांकि, इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि ऐसी परिस्थितियों में त्वरित समन्वय और नियंत्रण कितना जरूरी होता है।
फिलहाल, दोनों फाइटर जेट सुरक्षित रूप से अपने निर्धारित क्षेत्र में लौट चुके हैं और स्थिति पूरी तरह सामान्य है।

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.





Leave a comment