झारखंड विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल मिलते ही मचा हड़कंप
झारखंड विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया. BDDS टीम ने विधानसभा परिसर की गहन तलाशी ली, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली. मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ईमेल के स्रोत की जांच शुरू कर दी गई है.

Ranchi News: झारखंड विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद शुक्रवार को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हड़कंप मच गया. विधानसभा परिसर को निशाना बनाने की धमकी एक ईमेल के जरिए दी गई, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां तत्काल सक्रिय हो गईं. सूचना मिलते ही झारखंड जगुआर के बम डिस्पोजल एंड डिटेक्शन स्क्वॉड (BDDS) को विधानसभा परिसर भेजा गया. टीम ने एहतियात के तौर पर पूरे परिसर की बारीकी से जांच की. इस दौरान भवन के अलग-अलग हिस्सों, आसपास के क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों की तलाशी ली गई. हालांकि, सर्च ऑपरेशन के दौरान टीम को कोई संदिग्ध वस्तु या आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली. इसके बाद अधिकारियों ने सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की और आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस को सूचना दी. मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ईमेल भेजने वाले की पहचान की कोशिश शुरू कर दी गई है.
विधानसभा परिसर में चला सघन सर्च ऑपरेशन
धमकी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए विधानसभा परिसर की व्यापक जांच शुरू की. झारखंड जगुआर की BDDS टीम ने परिसर के विभिन्न हिस्सों की तलाशी ली. बम निरोधक उपकरणों और प्रशिक्षित कर्मियों की मदद से संदिग्ध स्थानों की जांच की गई. सुरक्षा के लिहाज से टीम ने हर पहलू को गंभीरता से लिया.
तलाशी के दौरान नहीं मिला कोई संदिग्ध सामान
सुरक्षा बलों की ओर से चलाए गए सर्च ऑपरेशन में फिलहाल कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है. परिसर में किसी विस्फोटक या आपत्तिजनक सामग्री के मिलने की पुष्टि नहीं हुई. जांच के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली, लेकिन धमकी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है.
विधानसभा थाना में दर्ज हुई प्राथमिकी
ईमेल के जरिए धमकी दिए जाने के मामले में झारखंड विधानसभा के एक पदाधिकारी की ओर से विधानसभा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद ईमेल से जुड़ी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है. धमकी की प्रकृति और उसके पीछे की मंशा को लेकर भी जांच की जा रही है.
ईमेल के सोर्स का पता लगाने में जुटी पुलिस
अब जांच एजेंसियों का मुख्य फोकस उस ईमेल के स्रोत तक पहुंचने पर है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धमकी वाला संदेश किस स्थान और किस तकनीकी माध्यम से भेजा गया. ईमेल से जुड़े डिजिटल और तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है. इसके आधार पर भेजने वाले की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा.
सुरक्षा व्यवस्था की हुई समीक्षा
घटना के बाद विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की गई. सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल मामले की वास्तविकता और धमकी की गंभीरता का आकलन कर रही हैं. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि ईमेल के पीछे कौन था और धमकी का उद्देश्य क्या था. फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है.

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