सड़क बनी नहीं, बिल पास हो गया! रिटायर्ड इंजीनियर की पेंशन में 5 साल तक 20% कटौती
“झारखंड सरकार ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामले में रिटायर्ड सहायक अभियंता रामाशीष राम पर सख्त कार्रवाई की है. उनकी पेंशन में अगले 5 साल तक 20 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है. रामाशीष राम 6 जनवरी 2011 से 15 जनवरी 2014 तक पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में एनआरईपी में प्रभारी कार्यपालक अभियंता थे. ”

Ranchi: झारखंड सरकार ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामले में रिटायर्ड सहायक अभियंता रामाशीष राम पर सख्त कार्रवाई की है. उनकी पेंशन में अगले 5 साल तक 20 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है. रामाशीष राम 6 जनवरी 2011 से 15 जनवरी 2014 तक पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में एनआरईपी में प्रभारी कार्यपालक अभियंता थे. उन पर आरोप है कि उन्होंने 5.79 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि की वसूली के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया. साथ ही कई सड़क योजनाओं के बिल बिना काम पूरा हुए या जांच किए पास कर दिए.
बिना काम के बिल पास करने का आरोप साबित
जांच रिपोर्ट में पाया गया कि रामाशीष राम ने गोइलकेरा में तराईसोल से दलकी सड़क के लिए लाखों रुपये के बिल पास कर दिए, जबकि वहां सड़क का कोई काम ही नहीं हुआ था. इसी तरह मनोहरपुर के धीपा पंचायत और अन्य कई जगहों पर भी बिना निर्माण के बिल स्वीकृत किए गए. रामाशीष राम ने अपने बचाव में कहा कि उन्होंने संबंधित अभियंताओं से हिसाब मांगा था और करीब 40.70 लाख रुपये की वसूली भी कराई थी. कुछ मामलों में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी. उन्होंने सूचना बोर्ड हट जाने का हवाला भी दिया, लेकिन सरकार ने इन तर्कों को खारिज कर दिया. जांच में उनके द्वारा बिना काम के बिल पास करने का आरोप सही पाया गया.
5 साल तक पेंशन में 20% कटौती का आदेश
इस मामले की जांच के बाद राज्यपाल के आदेश पर झारखंड पेंशन नियमावली के नियम 43(बी) के तहत कार्रवाई की गई है. उप सचिव रौशन कुमार साह के हस्ताक्षर से जारी आदेश में रामाशीष राम की पेंशन में अगले 5 वर्षों तक 20 प्रतिशत की कटौती करने का फैसला लिया गया है. यह कार्रवाई झारखंड सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. विभागीय जांच में इंजीनियर की लापरवाही और अनियमितताएं साबित होने के बाद यह सजा सुनाई गई है.

