DSPMU में शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का पेन डाउन आंदोलन दूसरे दिन भी जारी, कामकाज प्रभावित
“DSPMU के शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का पेन डाउन आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा. कर्मचारियों ने 16 फरवरी से अपनी लंबित मांगों को लेकर काली पट्टी बांधकर काम बंद आंदोलन शुरू किया है. ”

Ranchi: Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (DSPMU) के शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का पेन डाउन आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा. कर्मचारियों ने 16 फरवरी से अपनी लंबित मांगों को लेकर काली पट्टी बांधकर काम बंद आंदोलन शुरू किया है. इस आंदोलन का आह्वान शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ की ओर से किया गया है. कर्मचारियों और शिक्षकों का कहना है कि सेवा शर्तों की स्थिरता, प्रोन्नति, मोडिफाइड करियर प्रोग्रेशन (MCP) योजना का लाभ और संविदा कर्मियों के नियमितीकरण जैसी मांगें लंबे समय से लंबित हैं. इन मुद्दों पर कई बार ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद अब तक कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकला है. इसी के विरोध में शिक्षक और कर्मचारी काली पट्टी बांधकर अपना आक्रोश जता रहे हैं.
मंगलवार को विश्वविद्यालय प्रशासन और कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता भी हुई, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही. इसके बाद संघ की बैठक में आंदोलन को और व्यापक बनाने का निर्णय लिया गया. कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. संघ ने घोषणा की है कि तीसरे दिन से आउटसोर्सिंग कर्मियों को भी काम नहीं करने दिया जाएगा. आंदोलन का असर विश्वविद्यालय के लगभग सभी कार्यालयों में देखने को मिल रहा है. दूसरे दिन भी अधिकतर विभागों में कामकाज ठप रहा. टीसी और माइग्रेशन से जुड़े सीमित कार्यों को छोड़कर बाकी प्रशासनिक कार्य प्रभावित रहे. स्नातक और स्नातकोत्तर विभागों की फाइलों का निष्पादन नहीं हो सका.
परीक्षा शाखा में जरूरी दस्तावेजों पर कार्रवाई रुकने से रिजल्ट प्रकाशन, प्रमाण पत्र निर्गमन और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाएं प्रभावित हुई हैं. अकाउंट सेक्शन में भी वित्तीय कार्य बाधित रहे. रजिस्ट्रार और कुलपति कार्यालय में नियमित गतिविधियां लगभग ठप रहीं, जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
इधर, कर्मचारी संघ का कहना है कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन, कक्षाओं का बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन तेज किया जाएगा. वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि मामले पर सरकारी स्तर पर विचार-विमर्श जारी है और जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है.

