15 साल वार्ड का विकास, अब पूरी रांची का संकल्प, सुजाता कच्छप ने रांची नगर निगम मेयर चुनाव लड़ने की घोषणा की
“रांची नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज़ हो गई है. इसी बीच वार्ड नंबर-7 से तीन बार पार्षद रहीं सुजाता कच्छप ने औपचारिक रूप से मेयर पद का चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है.”

Ranchi: रांची नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज़ हो गई है. इसी बीच वार्ड नंबर-7 से तीन बार पार्षद रहीं सुजाता कच्छप ने औपचारिक रूप से मेयर पद का चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है. लंबे समय से जमीनी राजनीति में सक्रिय रहीं सुजाता कच्छप ने “जन सेवा ही संकल्प” के नारे के साथ जनता के बीच जाने का फैसला लिया है. सुजाता कच्छप का दावा है कि उन्होंने पिछले 15 वर्षों में वार्ड स्तर पर जो विकास मॉडल लागू किया, अब उसी अनुभव और ईमानदारी के साथ पूरी रांची के विकास के लिए मैदान में उतर रही हैं. उनका कहना है कि रांची को सिर्फ कागज़ों में नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत में स्मार्ट सिटी बनाना उनका लक्ष्य है.
वार्ड में किए गए विकास कार्य बने आधार
सुजाता कच्छप के कार्यकाल में वार्ड-7 में पथ निर्माण को प्राथमिकता दी गई. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार—
- 2008–13 के बीच करीब 1800 फीट पीसीसी पथ का निर्माण
- 2013–18 में 2000 फीट पीसीसी पथ और लगभग 6.5 किलोमीटर बिटुमिनस सड़क, जिसकी लागत करीब 64 लाख रुपये
- 2018–22 के दौरान 2500 फीट पीसीसी पथ और करीब 7 किलोमीटर बिटुमिनस सड़क, जिस पर लगभग 71.60 लाख रुपये खर्च हुए
- स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क, नाली और बुनियादी सुविधाओं के मामले में वार्ड-7 में बदलाव साफ नजर आता है.
“अनुभव ही मेरी ताकत है”
मेयर पद की दावेदारी को लेकर सुजाता कच्छप कहती हैं, “15 साल तक वार्ड की हर गली, हर समस्या को नज़दीक से देखा है. अब समय है उसी अनुभव को पूरी रांची के लिए इस्तेमाल करने का. मैं वादों के नहीं, काम के आधार पर जनता के बीच जाऊंगी.”
- स्मार्ट सिटी का जमीनी मॉडल, सुजाता कच्छप का फोकस
- बेहतर सड़क और ड्रेनेज व्यवस्था
- साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन
- महिला, आदिवासी और सभी समुदायों की भागीदारी
- पारदर्शी नगर निगम प्रशासन पर रहेगा.
उनका कहना है कि स्मार्ट सिटी का मतलब सिर्फ बड़ी इमारतें नहीं, बल्कि सुविधाजनक, सुरक्षित और स्वच्छ रांची है.
चुनावी माहौल में बढ़ी हलचल
सुजाता कच्छप की घोषणा के बाद नगर निगम चुनाव में मुकाबला और दिलचस्प हो गया है. जमीनी पकड़, लंबे अनुभव और विकास कार्यों को लेकर वह खुद को एक मजबूत दावेदार के रूप में पेश कर रही हैं. अब देखना यह होगा कि जनता वार्ड स्तर के विकास अनुभव को शहर की कमान सौंपने के लिए कितना भरोसा जताती है.

