गढ़वा में पुलिस पर पथराव: 84 नामजद + 400 अज्ञात पर केस, 14 आरोपियों को जेल भेजा गया
“गढ़वा के महुलिया मोड़ पर पुलिस पर पथराव मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 84 नामजद और 400 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जबकि बाकी की पहचान सीसीटीवी फुटेज से की जा रही है.”

Garhwa: महुलिया मोड़ पर गुरुवार शाम पुलिस पर हुए पथराव के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. मामले में 84 लोगों को नामजद और करीब 400 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. बता दें कि घटना की जड़ एक सड़क हादसा था, जिसमें ट्रैक्टर की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई. मुआवजे और अन्य मांगों को लेकर ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया, जो बाद में हिंसक रूप ले लिया. एसपी ने बताया कि सभी आरोपियों की पहचान की जा रही है और बाकी लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है. मौके से 24 मोटरसाइकिलें भी बरामद की गई हैं. इलाके में तनाव के बाद अब स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.
सीसीटीवी फुटेज से पहचान जारी
17 अप्रैल को पुलिस ने मामले में और तेज कार्रवाई की. कुल 84 नामजद आरोपियों में 60 लोगों को सीधे घटनास्थल से नामजद किया गया, जबकि 24 मोटरसाइकिल मालिकों को भी आरोपी बनाया गया है. गिरफ्तार 14 आरोपियों को तुरंत जेल भेज दिया गया. पुलिस ने 24 मोटरसाइकिलें जब्त कर उनकी जांच शुरू कर दी है. एसपी ने कहा कि इस मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा. बाकी नामजद और अज्ञात लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूत्रों का सहारा लिया जा रहा है. छापेमारी लगातार जारी है. इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया है. प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि कानून व्यवस्था बनाए रखें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें.
क्या था पूरा मामला?
गुरुवार शाम गढ़वा शहर थाना क्षेत्र के महुलिया गांव में ट्रैक्टर दुर्घटना में दो युवकों की मौत हो गई. आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे, दोषी ट्रैक्टर चालक की गिरफ्तारी और अन्य मांगों को लेकर महुलिया मोड़ पर सड़क जाम कर दिया. जब पुलिस स्थिति संभालने पहुंची तो भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. पत्थरों की बौछार से 25 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए. हालात बिगड़ते देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया, लेकिन भीड़ और उग्र होती गई. इस दौरान कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया. पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की. मामले में धारा 147, 148, 149, 307, 353, 332 और 427 समेत अन्य गंभीर धाराएं लगाई गई हैं. पुलिस का कहना है कि यह सुनियोजित हमला था और दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी.

