सम्राट चौधरी ने पदभार संभाला: सचिवालय में नीतीश का नामप्लेट हटा, कहा- "बिहार में मोदी-नीतीश मॉडल ही चलेगा"
आज से बिहार में सम्राट युग की असली शुरुआत हो गई. मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के कुछ घंटों बाद सम्राट चौधरी ने बिहार मुख्य सचिवालय पहुंचकर पदभार ग्रहण किया. मुख्यमंत्री कार्यालय में नीतीश कुमार का पुराना नामप्लेट हटाकर नया नामप्लेट लगा दिया गया.


Patna: आज से बिहार में सम्राट युग की असली शुरुआत हो गई. मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के कुछ घंटों बाद सम्राट चौधरी ने बिहार मुख्य सचिवालय पहुंचकर पदभार ग्रहण किया. मुख्यमंत्री कार्यालय में नीतीश कुमार का पुराना नामप्लेट हटाकर नया नामप्लेट लगा दिया गया. यह प्रतीकात्मक बदलाव बिहार की राजनीति में 20 साल के नीतीश युग के अंत और बीजेपी के नेतृत्व वाले नए दौर की शुरुआत का साफ संकेत है. सम्राट चौधरी ने कहा, “आज से ही बिहार के लिए काम शुरू करूंगा. बिहार में सिर्फ मोदी-नीतीश मॉडल चलेगा.” शपथ के बाद वे बीजेपी कार्यालय भी पहुंचे और दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया.
नामप्लेट बदलाव का बड़ा संदेश
शपथ समारोह के तुरंत बाद सम्राट चौधरी मुख्य सचिवालय पहुंचे. वहां उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की और मुख्यमंत्री कार्यालय में नीतीश कुमार का नामप्लेट हटवाकर अपना नया नामप्लेट लगवाया. यह कदम प्रशासनिक स्तर पर तुरंत बदलाव का प्रतीक है. सम्राट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाया जाए.
पहला बयान: मोदी-नीतीश मॉडल पर जोर
पदभार संभालते ही सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि नई सरकार नीतीश कुमार के विकास मॉडल को ही आगे बढ़ाएगी, लेकिन उसमें मोदी सरकार की योजनाओं का पूरा फायदा लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि बिहार को 2047 तक विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य है. यह बयान गठबंधन की निरंतरता और बीजेपी की अपनी छाप दोनों को साथ लेकर चलने का संकेत देता है.
डिप्टी सीएम विजय चौधरी का ऐलान: “मॉडल नहीं बदलेगा”
नए डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने साफ कहा — “CM बदला, मॉडल नहीं बदलेगा.” उन्होंने नीतीश कुमार की नीतियों की सराहना की और कहा कि नई सरकार उसी रास्ते पर चलेगी. बिजेंद्र प्रसाद यादव (दूसरे डिप्टी सीएम) ने भी नीतीश के मार्गदर्शन में काम करने का भरोसा जताया. यह बयान जद(यू) कार्यकर्ताओं और समर्थकों को आश्वस्त करने वाला है.
एनडीए नेताओं में एकजुटता दिखी
जेपी नड्डा, अमित शाह और राजनाथ सिंह ने बधाई दी. चिराग पासवान ने कहा, “सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार नई ऊंचाइयों को छुएगा.” जीतन राम मांझी ने नीतीश का आभार माना और कहा कि सम्राट उनकी कमी पूरी करेंगे. उपेंद्र कुशवाहा ने जनता के भरोसे पर जोर दिया. पिता शकुनी चौधरी ने इसे “मोदी, अमित शाह और नीतीश की कृपा” बताया.
नीतीश कुमार की पहली प्रतिक्रिया
नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी को बधाई देते हुए X पर लिखा — “सम्राट चौधरी जी को हार्दिक बधाई. मुझे विश्वास है कि आपके नेतृत्व में बिहार और तेजी से विकसित होगा.” यह बयान दिखाता है कि नीतीश अब केंद्रीय राजनीति (राज्यसभा) पर फोकस करेंगे, जबकि राज्य में गठबंधन सुचारू रूप से चलेगा.
सम्राट की अनोखी राजनीतिक यात्रा
आरजेडी में शुरूआत, राबड़ी सरकार में मंत्री, 2018 में बीजेपी जॉइन और अब मात्र 8 साल में मुख्यमंत्री. ओबीसी चेहरा होने के कारण सम्राट पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों में बीजेपी की पैठ बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. उनकी एमटेक डिग्री और प्रशासनिक अनुभव उन्हें मजबूत सीएम बनाते हैं.
आगे की चुनौतियां और उम्मीदें
नई सरकार के सामने बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी चुनौतियां हैं. सम्राट को नीतीश की विरासत (कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचा) को बीजेपी की केंद्र योजनाओं से जोड़ना होगा. विपक्ष (आरजेडी-कांग्रेस) पहले ही “जनता के साथ धोखा” का आरोप लगा चुका है. बिहार अब देखेगा कि सम्राट युग में विकास की रफ्तार कितनी तेज होती है. अगले कुछ दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार और पहली कैबिनेट बैठक से और साफ तस्वीर उभरेगी.

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