झारखंड विधानसभा में हंगामा: विपक्ष के हंगामे के बीच विधायक निर्मल महतो मार्शल आउट
“झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 10वें दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जोरदार हंगामा देखने को मिला. विपक्षी दल भाजपा के विधायकों ने राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराया. ”

Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 10वें दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जोरदार हंगामा देखने को मिला. विपक्षी दल भाजपा के विधायकों ने राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराया. भाजपा विधायक हाथों में पोस्टर लेकर सदन के वेल में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. इस दौरान सदन का माहौल काफी देर तक गरमाया रहा.
विपक्ष के इस विरोध का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी कर रहे थे. उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है और कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. मरांडी ने कहा कि दुमका में मजदूर यूनियन के नेताओं को गोली मार दी गई, लेकिन अब तक अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं राज्य में कानून-व्यवस्था की कमजोर स्थिति को दर्शाती हैं.
नेता प्रतिपक्ष ने रजरप्पा और गिरिडीह की घटनाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि गिरिडीह में महिला दिवस के अवसर पर उपायुक्त के व्यवहार को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं. मरांडी ने आरोप लगाया कि राज्य में बिना पैसे के कोई भी काम नहीं हो रहा है और आम जनता भ्रष्टाचार से परेशान है. उन्होंने कहा कि यह सरकार मुख्यमंत्री की नहीं, बल्कि बाबुओं की सरकार बनकर रह गई है. उन्होंने सदन में भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग की.
विपक्ष के आरोपों पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यदि कार्यमंत्रणा समिति इस विषय पर चर्चा कराने का निर्णय लेती है तो सदन में इस पर जरूर चर्चा कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और सरकार भ्रष्टाचार के मामलों पर सख्ती से कार्रवाई कर रही है. उन्होंने विपक्ष से कहा कि यदि उनके पास कोई विशेष मामला है तो उसे सदन में रखा जाए, सरकार उस पर उचित कार्रवाई करने के लिए तैयार है.
वित्त मंत्री के इस बयान के बावजूद विपक्ष का हंगामा जारी रहा. सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए और सदन में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई. इसी दौरान मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और भाजपा विधायक निर्मल महतो के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. बताया गया कि मंत्री द्वारा इशारा करने के बाद निर्मल महतो वेल में पहुंच गए और विरोध तेज हो गया. भाजपा के अन्य विधायक भी उनका समर्थन करते हुए वेल में पहुंच गए.
स्थिति को बिगड़ता देख विधानसभा अध्यक्ष नाराज हो गए और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त रुख अपनाया. उन्होंने निर्मल महतो को मार्शल आउट करने का निर्देश दिया. इसके बाद मार्शलों ने उन्हें सदन से बाहर ले जाया. हालांकि बाद में वित्त मंत्री के हस्तक्षेप के बाद उन्हें दोबारा सदन में बुला लिया गया.
विधानसभा में हुए इस हंगामे के कारण कुछ समय तक कार्यवाही बाधित रही. विपक्ष लगातार सरकार पर भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाता रहा, जबकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य में स्थिति नियंत्रण में है और सभी मामलों पर कार्रवाई की जा रही है.
बजट सत्र के दौरान इस तरह का हंगामा झारखंड की सियासत में बढ़ते राजनीतिक तनाव को भी दर्शाता है. आने वाले दिनों में सदन में इन मुद्दों पर और तीखी बहस होने की संभावना जताई जा रही है.

