रिम्स का सख्त एक्शन प्लान: बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट मजबूत, आवारा कुत्तों पर भी नियंत्रण
“रांची के RIMS में बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर सख्त कदम उठाए गए हैं. सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित करने के साथ ही आवारा कुत्तों की समस्या पर भी कार्रवाई शुरू की गई है. अस्पताल परिसर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के लिए नई गाइडलाइंस लागू की जा रही हैं.”
राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और स्वच्छता को बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण को लेकर संस्थान प्रशासन ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक की अध्यक्षता में एक समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के प्रमुख, नर्सिंग स्टाफ, हाउसकीपिंग टीम और संबंधित एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि अस्पताल से निकलने वाले खतरनाक कचरे का सही तरीके से संग्रह, पृथक्करण और निस्तारण हो सके। इसके अलावा परिसर में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या को भी गंभीरता से लिया गया। प्रशासन का मानना है कि यदि वेस्ट मैनेजमेंट में लापरवाही हुई, तो संक्रमण और पर्यावरण प्रदूषण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए अब हर स्तर पर जवाबदेही तय की जा रही है।
बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट पर सख्ती
बैठक में स्पष्ट किया गया कि बायोमेडिकल वेस्ट का सही तरीके से संग्रह और पृथक्करण सभी संबंधित पक्षों की संयुक्त जिम्मेदारी है। इसे सुरक्षित तरीके से कॉमन कलेक्शन सेंटर तक पहुंचाना जरूरी होगा। प्रशासन ने निर्देश दिया कि हर विभाग अपने स्तर पर इस प्रक्रिया को सख्ती से लागू करे और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचा जाए।
संक्रमण और प्रदूषण रोकने पर फोकस
अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि यदि बायोमेडिकल वेस्ट का सही तरीके से निस्तारण नहीं हुआ, तो इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए सभी कर्मचारियों और एजेंसियों को इस दिशा में सतर्क रहने और तय मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कदम मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है।
आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए कदम
बैठक में आवारा कुत्तों की समस्या पर भी चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि वेस्ट डिस्पोजल क्षेत्र के चारों ओर जालीदार बाउंड्री बनाई जाएगी, ताकि कुत्ते या अन्य जानवर अंदर प्रवेश न कर सकें। साथ ही, नगर निगम को सूचना देकर परिसर से आवारा कुत्तों को हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी। इससे अस्पताल परिसर को सुरक्षित और स्वच्छ बनाए रखने में मदद मिलेगी।

