RIMS Admission Scam: डीन कार्यालय पहुंची CID टीम, एडमिशन प्रक्रिया की गहन जांच शुरू
झारखंड के सबसे बड़े सरकारी मेडिकल संस्थान रिम्स में कथित एडमिशन अनियमितताओं की जांच ने रफ्तार पकड़ ली है. बुधवार को झारखंड CID की टीम रिम्स पहुंची और डीन कार्यालय में प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू की.

Ranchi: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में बुधवार को उस समय हलचल बढ़ गई जब झारखंड CID की टीम जांच के लिए संस्थान पहुंची. टीम ने सबसे पहले डीन कार्यालय का रुख किया और एडमिशन प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी. सूत्रों के अनुसार, अधिकारी पिछले शैक्षणिक सत्र के दौरान हुए नामांकन से संबंधित फाइलों, रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा का गहन अध्ययन कर रहे हैं. जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है, ताकि प्रवेश प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन के संकेत मिल सकें. अधिकारियों ने संबंधित विभागों से आवश्यक जानकारी भी मांगी है. हालांकि CID की ओर से अब तक मामले को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
पिछले सत्र के दाखिलों पर उठे थे सवाल
जानकारी के अनुसार, पिछले शैक्षणिक सत्र में हुए कुछ दाखिलों को लेकर शिकायतें सामने आई थीं. आरोप लगाया गया था कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान निर्धारित नियमों और मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया. कुछ मामलों में चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए गए थे. शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए राज्य स्तर पर मामले की जांच CID को सौंप दी गई. अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि प्रवेश प्रक्रिया में कहीं कोई गड़बड़ी, पक्षपात या प्रशासनिक लापरवाही तो नहीं हुई. इसके लिए प्रवेश से जुड़े सभी रिकॉर्ड और प्रक्रियाओं का मिलान किया जा रहा है. जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप हुई थी या नहीं.
अधिकारियों और कर्मचारियों से भी हो रही पूछताछ
CID की जांच केवल दस्तावेजों तक सीमित नहीं है. सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है. विभिन्न विभागों से जुड़े कर्मियों से नामांकन प्रक्रिया, दस्तावेज सत्यापन और चयन प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली जा रही है. जांच एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान कौन-कौन अधिकारी जिम्मेदार भूमिका में थे और निर्णय लेने की प्रक्रिया कैसे संचालित की गई. यदि जांच के दौरान किसी स्तर पर अनियमितता या नियमों की अनदेखी के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है. इस वजह से संस्थान के प्रशासनिक हलकों में भी चिंता का माहौल बना हुआ है.
जांच से रिम्स प्रशासन में मचा हड़कंप
CID की कार्रवाई के बाद रिम्स प्रशासन में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है. संस्थान के कई विभागों में जांच को लेकर चर्चा तेज हो गई है. सूत्रों का कहना है कि जांच का दायरा केवल प्रवेश प्रक्रिया तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि इससे जुड़े प्रशासनिक निर्णयों और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा सकती है. यदि जांच में गड़बड़ी या लापरवाही के ठोस प्रमाण मिलते हैं, तो कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. फिलहाल सभी की नजर CID की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जो यह तय करेगी कि कथित एडमिशन अनियमितताओं में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी.

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