41% लक्ष्य के मुकाबले 34.05% राजस्व वसूली, मंत्री राधाकृष्ण किशोर नाराज; बड़े बकायेदारों से वसूली का निर्देश
झारखंड में अगस्त तक 41% लक्ष्य के मुकाबले 34.05% राजस्व संग्रह पर मंत्री राधाकृष्ण किशोर नाराज हुए. दिसंबर में प्रदर्शन की समीक्षा के बाद लापरवाह अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी.

Ranchi: झारखंड में राजस्व संग्रह के तय लक्ष्य से पीछे चल रहे वाणिज्य-कर विभाग के प्रदर्शन पर मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने नाराजगी जताई है. 3 सितंबर को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सामने आया कि अगस्त 2026 तक राज्य में निर्धारित 41 प्रतिशत राजस्व संग्रह लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 34.05 प्रतिशत वसूली हो सकी है. मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राजस्व संग्रह को केवल लक्ष्य पूरा करने की प्रक्रिया न माना जाए, बल्कि बकाया वसूली और नए राजस्व स्रोत बढ़ाने पर भी काम किया जाए. उन्होंने राजस्व की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी और बकायेदारों के खिलाफ प्राथमिकता के आधार पर अभियान चलाने को कहा. मंत्री ने अधिकारियों को दिसंबर तक प्रदर्शन सुधारने का समय दिया है. उन्होंने चेतावनी दी कि दिसंबर में होने वाली समीक्षा में संतोषजनक प्रदर्शन नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों को चिह्नित कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
24 हजार करोड़ के वाणिज्य-कर लक्ष्य के मुकाबले वसूली बढ़ाने पर जोर
राज्य सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में 46,000 करोड़ रुपये राजस्व संग्रह का लक्ष्य तय किया है. इसमें वाणिज्य-कर विभाग के लिए 24,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित है. समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी सिर्फ लक्ष्य हासिल करने तक सीमित नहीं है. बकाया राजस्व की वसूली को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर अभियान चलाने का निर्देश दिया गया. मंत्री ने Mines, Real Estate, Jewellery, Cement, Transportation और Scrap Traders जैसे क्षेत्रों की विशेष समीक्षा करने को कहा. इन क्षेत्रों में कारोबार के वास्तविक स्तर और घोषित कारोबार के बीच अंतर की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया गया.
GST के फैसलों से 4-4 हजार करोड़ के असर का अनुमान
बैठक में GST rationalisation के कारण झारखंड को होने वाले संभावित राजस्व नुकसान पर भी चर्चा हुई. मंत्री के अनुसार इससे राज्य को करीब 4,000 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान है. वहीं VB-GRAM-MG में केंद्र-राज्य हिस्सेदारी में बदलाव से भी करीब 4,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त वित्तीय भार का आकलन किया गया है. मंत्री ने MMDR Amendment Act, 2026 के प्रावधानों पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि इसके लागू होने की स्थिति में राज्य को करीब 14,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है. उनके अनुसार इसका असर राज्य की विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर पड़ सकता है.
दिसंबर की समीक्षा में तय होगा अधिकारियों का प्रदर्शन
मंत्री ने कहा कि राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए विभाग को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, लेकिन अधिकारियों को भी अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा. उन्होंने राजस्व चोरी रोकने, अवैध खनिज परिवहन से जुड़े GST नुकसान पर कार्रवाई और बकाया राशि की वसूली तेज करने का निर्देश दिया. बैठक में मौजूद अधिकारियों से कहा गया कि दिसंबर में होने वाली समीक्षा में प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहने पर संबंधित अधिकारियों को चिह्नित किया जाएगा. इसके बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी.

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