तीनपहाड़ रेलवे स्टेशन की उपेक्षा पर फूटा जनाक्रोश, 21 जून को धरना-प्रदर्शन का ऐलान
“तीनपहाड़ रेलवे स्टेशन की कथित उपेक्षा और विकास कार्यों में अनदेखी को लेकर क्षेत्रवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. इस मुद्दे को लेकर क्षेत्रीय विकास संघर्ष समिति, तीनपहाड़ ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 21 जून 2026 को एक दिवसीय जन आक्रोश धरना-प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है.”

साहिबगंज से अमान की रिपोर्ट-
Sahebganj: तीनपहाड़ रेलवे स्टेशन की कथित उपेक्षा और विकास कार्यों में अनदेखी को लेकर क्षेत्रवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. इस मुद्दे को लेकर क्षेत्रीय विकास संघर्ष समिति, तीनपहाड़ ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 21 जून 2026 को एक दिवसीय जन आक्रोश धरना-प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है. समिति का आरोप है कि तीनपहाड़ रेलवे स्टेशन रेलवे को हर वर्ष लाखों रुपये का राजस्व प्रदान करता है, लेकिन इसके बावजूद स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं तथा विकास कार्यों की लगातार अनदेखी की जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेशन की समस्याओं को लेकर कई बार मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) और महाप्रबंधक (जीएम) को ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
इसी संबंध में गुरुवार शाम बाबूपाड़ा स्थित विवाह भवन में क्षेत्रीय विकास संघर्ष समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में 21 जून को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने, जनसंपर्क अभियान चलाने और आंदोलन की रणनीति तय करने पर विस्तार से चर्चा की गई. समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि रेलवे प्रशासन क्षेत्र की जायज मांगों को गंभीरता से नहीं लेता है, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा. उन्होंने बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और आम नागरिकों से बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होने की अपील की.
समिति का कहना है कि विकास के नाम पर तीनपहाड़ जैसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन की लगातार उपेक्षा की जा रही है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. अब क्षेत्र की जनता अपने अधिकारों और क्षेत्रीय विकास की मांग को लेकर एकजुट होकर आवाज बुलंद करने के लिए तैयार है. 21 जून को होने वाले धरना-प्रदर्शन को लेकर क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान भी तेज कर दिया गया है और लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की जा रही है.

