सिलिंडर रिफिल बुकिंग में कोई बदलाव नहीं: पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोशल मीडिया की अफवाहें खारिज कीं
“मध्य पूर्व में इजरायल-ईरान संघर्ष के चलते देश में ईंधन की किल्लत और कालाबाजारी की आशंका के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आज स्पष्ट किया कि एलपीजी सिलिंडर रिफिल बुकिंग की समय-सीमा में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है.”

New Delhi: मध्य पूर्व में इजरायल-ईरान संघर्ष के चलते देश में ईंधन की किल्लत और कालाबाजारी की आशंका के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आज स्पष्ट किया कि एलपीजी सिलिंडर रिफिल बुकिंग की समय-सीमा में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है. सोशल मीडिया और कुछ समाचार रिपोर्टों में दावा किया जा रहा था कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 45 दिन, गैर-उज्ज्वला सिंगल सिलिंडर के लिए 25 दिन और डबल सिलिंडर के लिए 35 दिन की नई समय-सीमा तय कर दी गई है. मंत्रालय ने इन खबरों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि मौजूदा नियम पहले की तरह ही लागू रहेंगे.
मंत्रालय के मुताबिक, शहरों में 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन का अंतराल पहले से ही लागू है, चाहे कनेक्शन उज्ज्वला योजना का हो या सामान्य. सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक पैनिक बुकिंग न करें. देश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और रिफाइनरी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं. यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व संकट के कारण पूरा देश ईंधन की सप्लाई पर नजर रखे हुए है.
मंत्रालय का आधिकारिक बयान
पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक प्रेस रिलीज जारी कर साफ कहा, “सरकार के संज्ञान में आया है कि कुछ समाचार रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट में एलपीजी रिफिल बुकिंग के लिए संशोधित समय-सीमा का दावा किया जा रहा है. यह स्पष्ट किया जाता है कि ऐसा कोई बदलाव नहीं किया गया है.” मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि रिफिल बुकिंग की मौजूदा समय-सीमा में कोई संशोधन नहीं हुआ है. इस बयान के साथ ही सरकार ने नागरिकों को भरोसा दिलाया कि घरेलू एलपीजी सप्लाई बाधित नहीं है.
सोशल मीडिया पर क्या दावे चल रहे थे?
पिछले कुछ दिनों से फेसबुक, एक्स और व्हाट्सएप पर वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि उज्ज्वला योजना वाले कनेक्शन पर अब सिलिंडर 45 दिन बाद ही बुक हो सकेगा. गैर-उज्ज्वला सिंगल बोटल वाले उपभोक्ताओं के लिए 25 दिन और डबल बोटल वाले के लिए 35 दिन की नई लॉक-इन पीरियड बताई गई. कई यूजर्स ने इसे मिडिल ईस्ट युद्ध के असर से जोड़ते हुए लिखा कि अब सिलिंडर मिलना मुश्किल हो जाएगा. इन पोस्ट्स में लंबी लाइनों की पुरानी तस्वीरें भी शेयर की जा रही थीं, जिससे उपभोक्ताओं में घबराहट बढ़ गई.
मौजूदा नियम क्या हैं?
मंत्रालय ने दोहराया कि शहरों (अर्बन एरिया) में रिफिल बुकिंग के बीच न्यूनतम 25 दिन का गैप है, जबकि ग्रामीण और दुर्गम इलाकों में यह 45 दिन है. यह नियम कनेक्शन के प्रकार (उज्ज्वला या नॉन-उज्ज्वला) पर निर्भर नहीं करता. यानी चाहे सिंगल सिलिंडर हो या डबल, नियम एक जैसे ही रहेंगे. इससे पहले मार्च की शुरुआत में सरकार ने 21 दिन के गैप को 25 दिन कर दिया था ताकि होर्डिंग और ब्लैक मार्केटिंग रोकी जा सके. उस बदलाव के बाद भी सप्लाई सामान्य बताई जा रही है.
मिडिल ईस्ट संकट और सरकार की तैयारी
इजरायल-ईरान युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावित होने से वैश्विक स्तर पर ईंधन की सप्लाई पर दबाव पड़ा है. भारत भी एलपीजी का बड़ा आयातक है, इसलिए कुछ दिनों पहले पैनिक बुकिंग बढ़ गई थी. सरकार ने रिफाइनरी को 100% क्षमता पर चलाने के निर्देश दिए और घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है. मंत्रालय ने ब्लैक मार्केटिंग पर सख्त नजर रखने के लिए टीमों को सक्रिय किया है.
उपभोक्ताओं के लिए सलाह: घबराएं नहीं
मंत्रालय ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे केवल जरूरत के हिसाब से बुकिंग करें. सामान्य डिलीवरी चक्र दो-ढाई दिन का ही बना हुआ है. अनावश्यक बुकिंग से सिर्फ सिस्टम पर बोझ बढ़ेगा और दूसरे उपभोक्ताओं को परेशानी होगी. अगर कोई एजेंसी नियमों का पालन नहीं कर रही तो उसकी शिकायत MyLPG ऐप या हेल्पलाइन पर की जा सकती है. सरकार का साफ संदेश है – स्टॉक पर्याप्त है, सप्लाई सुचारू है और अफवाहों से बचें.



