“अशोक भगत जैसा घमंड नहीं” निशिकांत का बयान बना बूमरैंग, महागामा में अपने ही सांसद के खिलाफ खड़े हुए कार्यकर्ता
“झारखंड की राजनीति में इन दिनों बयानबाजी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे का अपने ही दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक अशोक भगत को लेकर दिया गया बयान अब महागामा में राजनीतिक हलचल का कारण बन गया है. ”

झारखंड की राजनीति में इन दिनों बयानबाजी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे का अपने ही दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक अशोक भगत को लेकर दिया गया बयान अब महागामा में राजनीतिक हलचल का कारण बन गया है. एक चुनावी सभा के दौरान दुबे ने कहा कि उन्हें “अशोक भगत जैसा घमंड नहीं है” और यह भी जोड़ा कि कुछ लोग खुद को ऐसा समझते हैं कि वे किसी को भी जिता या हरा सकते हैं.
यह टिप्पणी सामने आते ही स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ताओं में नाराज़गी खुलकर सामने आने लगी. कई कार्यकर्ताओं ने इसे सार्वजनिक मंच से दिया गया अनुचित और अपमानजनक बयान बताया. उनका कहना है कि अशोक भगत पार्टी के एक सम्मानित और सरल स्वभाव के नेता माने जाते हैं, और इस तरह की टिप्पणी से संगठन की छवि को नुकसान पहुंचता है.
महागामा क्षेत्र में बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने खुलकर विरोध दर्ज कराया है. उनका कहना है कि उन्होंने ही दुबे को सांसद बनाया, लेकिन इस तरह के शब्दों से कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं. नाराज़ कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर सांसद दुबे दोबारा महागामा आते हैं तो उनका काले झंडे दिखाकर विरोध किया जाएगा.
गौरतलब है कि यह बयान महागामा नगर पंचायत चुनाव के दौरान बीजेपी समर्थित उम्मीदवार के प्रचार में दिया गया था. चुनावी माहौल में दिए गए इस बयान ने पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को भी उजागर कर दिया है.
अब देखने वाली बात यह होगी कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद को कैसे संभालता है और क्या इस बयान को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या सफाई सामने आती है. फिलहाल, महागामा में यह मामला सियासी चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है.

