झारखंड में फिर सक्रिय होगा मानसून! रांची समेत कई जिलों में बारिश के आसार
रांची समेत झारखंड के कई जिलों में आज मौसम का मिजाज बदलने वाला है. गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है. शनिवार को पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.

Ranchi: राजधानी रांची समेत झारखंड के मौसम में शुक्रवार से बदलाव देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. कुछ इलाकों में गरज के साथ वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. शनिवार को देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. इस बीच बंगाल की खाड़ी में 9 सितंबर को संभावित लो प्रेशर एरिया का असर भी झारखंड में देखने को मिल सकता है. वहीं, लगातार बारिश के कारण पलामू में कोयल नदी का जलस्तर बढ़ गया है.
रांची समेत कई इलाकों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक शुक्रवार से झारखंड के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है. आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. बारिश के दौरान कई इलाकों में गरज-चमक के साथ वज्रपात भी हो सकता है. इसके अलावा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है. मौसम में यह बदलाव कुछ समय के लिए तापमान में राहत दे सकता है, लेकिन बारिश के बाद उमस बढ़ने की भी संभावना है. मौसम विभाग ने लोगों को गरज और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है. रांची सहित आसपास के जिलों में भी मौसम पर नजर बनाए रखने की जरूरत होगी.
शनिवार को पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने शनिवार को झारखंड के पांच जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है. इनमें देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज शामिल हैं. इन जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जिसे देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. राज्य के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले पांच दिनों में झारखंड के अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है. बारिश और बढ़ते तापमान के बीच मौसम में उमस बढ़ने की संभावना है. ऐसे में लोगों को मौसम के बदलते मिजाज के अनुसार सावधानी बरतने की जरूरत होगी. खासकर भारी बारिश वाले जिलों में जलभराव और यातायात संबंधी परेशानी की स्थिति पर नजर रखनी होगी.
बंगाल की खाड़ी में बन सकता है लो प्रेशर
बंगाल की खाड़ी में 9 सितंबर को एक बार फिर लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार, इस मौसम प्रणाली का असर झारखंड के कई हिस्सों में दिखाई दे सकता है. इसके प्रभाव से राज्य में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. लो प्रेशर के असर से देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज, जमशेदपुर, चाईबासा और सरायकेला-खरसावां के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है. इन इलाकों के लिए मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है. वहीं, राज्य के बाकी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है. मौसम प्रणाली के मजबूत होने या इसकी दिशा में बदलाव के साथ बारिश की तीव्रता में भी परिवर्तन हो सकता है. इसलिए आने वाले दिनों में मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा.
भारी बारिश से बढ़ा पलामू में कोयल नदी का जलस्तर
लगातार हुई बारिश का असर पलामू में कोयल नदी के जलस्तर पर भी दिखाई देने लगा है. भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ गया है. जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए नदी के आसपास रहने वाले लोगों और प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है. बारिश के दौरान नदियों और निचले इलाकों में अचानक पानी बढ़ने का खतरा बना रहता है. ऐसे में स्थानीय लोगों को नदी के किनारे जाने से बचने और प्रशासन की ओर से जारी किसी भी चेतावनी का पालन करने की सलाह दी जाती है. मौसम विभाग की ओर से आने वाले दिनों में भी झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है. ऐसे में कोयल नदी समेत अन्य नदियों और जलस्रोतों के जलस्तर पर भी नजर बनाए रखना जरूरी होगा.
पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 53 फीसदी ज्यादा बारिश
मानसून सीजन में झारखंड के कई जिलों में इस बार सामान्य से अच्छी बारिश दर्ज की गई है. 1 जून से 3 सितंबर तक पश्चिमी सिंहभूम में 1268 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 830.4 मिलीमीटर मानी जाती है. इस तरह जिले में सामान्य से करीब 53 फीसदी अधिक बारिश हुई है. राज्य के कई अन्य जिलों में भी मानसून के दौरान सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है. अच्छी बारिश का असर जलस्रोतों और कृषि गतिविधियों पर भी देखने को मिल सकता है. हालांकि, लगातार और तेज बारिश वाले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने और स्थानीय स्तर पर अन्य समस्याओं की स्थिति भी पैदा हो सकती है. इसलिए अधिक बारिश वाले जिलों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी है.
देवघर समेत कई जिलों में बारिश की कमी
झारखंड के कुछ जिले ऐसे भी हैं जहां मानसून के दौरान अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है. देवघर में सामान्य से 33 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है. वहीं, बोकारो में बारिश की कमी करीब 9 फीसदी रही है. कोडरमा में भी सामान्य की तुलना में कम बारिश रिकॉर्ड की गई है. इसके अलावा राज्य के कुछ अन्य जिलों में 20 से 50 फीसदी तक बारिश की कमी दर्ज की गई है. ऐसे में झारखंड में मानसून का असर सभी जिलों में एक जैसा नहीं रहा है. एक ओर पश्चिमी सिंहभूम जैसे जिलों में सामान्य से काफी ज्यादा बारिश हुई है, वहीं दूसरी तरफ कुछ जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है. आने वाले दिनों में संभावित लो प्रेशर और बारिश की गतिविधियों से इन जिलों में बारिश के आंकड़ों में बदलाव आने की उम्मीद है.

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