गिरिडीह में भीषण आग का कहर: सात घर जलकर राख, कई परिवार बेघर
“गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड स्थित तुलाडीह गांव में मंगलवार रात भीषण आग लगने से सात घर जलकर पूरी तरह राख हो गए. आग की शुरुआत एक घर से हुई, लेकिन तेज हवा के कारण लपटें तेजी से फैलती चली गईं और कई परिवार इसकी चपेट में आ गए.”

गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां मंगलवार रात अचानक लगी भीषण आग ने पूरे गांव को दहला दिया. बिरनी प्रखंड के तुलाडीह गांव में शुरू हुई इस आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया और कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया. तेज हवा के कारण लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला. देखते ही देखते सात घर जलकर पूरी तरह राख हो गए और कई परिवारों का जीवनभर का जमा सामान नष्ट हो गया. रातभर गांव में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बना रहा. ग्रामीणों ने आग बुझाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन संसाधनों की कमी और आग की तीव्रता के कारण हालात काबू से बाहर हो गए.
आग ने मचाया तांडव
बताया जा रहा है कि आग की शुरुआत एक घर से हुई, लेकिन तेज हवा के चलते यह तेजी से आसपास के घरों में फैल गई. इस हादसे में वासुदेव ठाकुर, शक्ति ठाकुर, मुरली ठाकुर, नागो ठाकुर, बंगाली ठाकुर, सुदामा ठाकुर और अर्जुन ठाकुर के घर पूरी तरह जलकर राख हो गए. आग इतनी तेजी से फैली कि लोग अपने घरों से जरूरी सामान भी नहीं निकाल सके.
लाखों का नुकसान, सब कुछ स्वाहा
इस भीषण आग में घरों में रखा अनाज, कपड़े, फर्नीचर, बर्तन और जरूरी दस्तावेज तक जलकर खाक हो गए. वासुदेव ठाकुर के घर किराये पर रह रहे विनय राम का सामान भी आग की भेंट चढ़ गया. पीड़ित परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और अब उनके सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है.
राहत की मांग, कारण अज्ञात
घटना के बाद ग्रामीणों ने बाल्टी, मोटर और पाइप के सहारे आग बुझाने की कोशिश की. कई लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर गैस सिलेंडर बाहर निकाले, जिससे बड़ा हादसा टल गया. हालांकि देर रात तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका. आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है. पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से मुआवजा और राहत सामग्री की मांग की है, ताकि वे दोबारा अपनी जिंदगी को पटरी पर ला सकें.

