12 साल पुराने आचार संहिता मामले में CM हेमंत सोरेन को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने FIR की रद्द
“झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren को 12 साल पुराने चुनावी आचार संहिता उल्लंघन मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। Jharkhand High Court ने 2014 विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करते हुए उनके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही समाप्त कर दी। ”

Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 12 साल पुराने चुनावी आचार संहिता उल्लंघन मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है. झारखंड हाईकोर्ट ने आदित्यपुर थाना में दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करते हुए उनके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्रवाई पर पूर्ण विराम लगा दिया है. यह मामला वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव के दौरान दर्ज किया गया था, जब हेमंत सोरेन अपनी पार्टी के उम्मीदवार के समर्थन में चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे. आरोप था कि उन्होंने चुनाव आयोग की ओर से लागू आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है. हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद लंबे समय से लंबित यह मामला अब समाप्त हो गया है और मुख्यमंत्री को बड़ी राहत मिली है.
2014 चुनाव प्रचार से जुड़ा था मामला
जानकारी के अनुसार वर्ष 2014 में चुनावी अभियान के दौरान हेमंत सोरेन के खिलाफ आदित्यपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. शिकायत में उन पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप लगाया गया था. इसके आधार पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी. बाद में यह मामला निचली अदालत में विचाराधीन रहा और सुनवाई आगे बढ़ती रही.
हाईकोर्ट ने सुनाया महत्वपूर्ण फैसला
मामले को चुनौती देते हुए हेमंत सोरेन ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. याचिका में कहा गया कि चुनाव प्रचार के दौरान किसी प्रकार का नियम उल्लंघन नहीं हुआ था और प्राथमिकी तथ्यात्मक रूप से कमजोर है. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पहले ही निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी. अब अंतिम सुनवाई में अदालत ने प्राथमिकी को ही निरस्त कर दिया है. इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री के खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया समाप्त हो गई है. राजनीतिक और कानूनी हलकों में इस निर्णय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

