झारखंड वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव, SIR के नोटिस पर आज से होगी सुनवाई
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का अगला चरण शुरू हो गया है. नोटिस पाने वाले 63,24,116 मतदाताओं के दावों की आज से सुनवाई होगी. संबंधित मतदाताओं को तय तारीख पर चुनाव अधिकारी के समक्ष अपना पक्ष और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे.

Ranchi News : झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया अब एक अहम चरण में पहुंच गई है. सोमवार से उन मतदाताओं के मामलों की सुनवाई शुरू हो रही है, जिन्हें चुनाव अधिकारियों की ओर से नोटिस जारी किया गया है. राज्य में अलग-अलग कारणों और श्रेणियों के तहत कुल 63,24,116 मतदाताओं को नोटिस दिया गया है. इनमें ऐसे मतदाता शामिल हैं, जिनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं आया है या मतदाता विवरण को लेकर किसी तरह की आपत्ति अथवा विसंगति सामने आई है. अब संबंधित मतदाताओं को नोटिस में दी गई तारीख के अनुसार संबंधित चुनाव अधिकारी के सामने अपना पक्ष रखना होगा. सुनवाई के दौरान मतदाताओं से उनके नाम, पते, परिवार और मतदाता सूची में दर्ज अन्य जानकारियों से जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं. अधिकारियों ने मतदाताओं से अपील की है कि वे नोटिस को गंभीरता से लें और तय समय पर जरूरी दस्तावेजों के साथ उपस्थित हों.
63 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस
SIR के दौरान झारखंड में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम और विवरण की जांच की गई है. इसी प्रक्रिया के तहत 63,24,116 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं. नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति का मतदाता अधिकार स्वतः समाप्त हो गया है. संबंधित मतदाता को सुनवाई के दौरान अपना दावा और उपलब्ध दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा.
आज से शुरू हुई सुनवाई की प्रक्रिया
नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं की सुनवाई सोमवार से शुरू हो रही है. प्रत्येक मतदाता को नोटिस में बताई गई तारीख और स्थान के अनुसार संबंधित चुनाव अधिकारी के समक्ष उपस्थित होना होगा. सुनवाई के दौरान अधिकारी मतदाता की ओर से पेश किए गए दावे और रिकॉर्ड में उपलब्ध जानकारी की जांच करेंगे.
किन जानकारियों की हो सकती है जांच?
सुनवाई के दौरान मतदाता के नाम, पते और परिवार से जुड़ी जानकारी पर सवाल किए जा सकते हैं. इसके अलावा मतदाता सूची में दर्ज अन्य विवरणों को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है. इसलिए नोटिस पाने वाले लोगों के लिए जरूरी है कि वे अपने रिकॉर्ड से संबंधित उपलब्ध दस्तावेजों को पहले से तैयार रखें.
दस्तावेजों के आधार पर होगा आगे का फैसला
मतदाता को अपने दावे के समर्थन में मांगे गए दस्तावेज निर्धारित समय पर अधिकारी के सामने जमा करने होंगे. इसके बाद संबंधित रिकॉर्ड और प्रस्तुत दावों की जांच की जाएगी. उपलब्ध दस्तावेजों और सुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर मतदाता सूची में नाम या विवरण को लेकर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
नोटिस को नजरअंदाज नहीं करने की अपील
चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों ने नोटिस पाने वाले मतदाताओं से इसे नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है. मतदाताओं को निर्धारित तारीख पर संबंधित अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा. SIR के तहत चल रही यह प्रक्रिया मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़ी है, इसलिए नोटिस मिलने वाले लोगों के लिए समय पर सुनवाई में शामिल होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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