मैडम जहर, मैडम मिंज और जोया खान… बिश्नोई गैंग का महिला ब्रिगेड कैसे संभाल रहा पूरा नेटवर्क
पुलिस जांच में ‘मैडम जहर’ खुसनुमा अंसारी, ‘मैडम मिंज’ अनुराधा चौधरी, पूजा शर्मा, जोया खान, जिकरा और अनु धनखड़ जैसे नाम सामने आए हैं, जो ड्रग तस्करी, रंगदारी, हत्या की साजिश और नेटवर्क ऑपरेशन में सक्रिय हैं.

देश के कुख्यात अपराध सिंडिकेटों में शुमार लॉरेंस बिश्नोई के नेटवर्क को लेकर पुलिस जांच में अब एक नया और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है—महिलाओं की बढ़ती भागीदारी. हालिया गिरफ्तारियों और पूछताछ में सामने आया है कि गैंग के कई ऑपरेशन अब महिला सहयोगियों के जरिए संचालित हो रहे हैं. ड्रग तस्करी से लेकर रंगदारी, हत्या की साजिश और हथियारों की सप्लाई तक—इन भूमिकाओं में महिलाएं सिर्फ सहयोगी नहीं, बल्कि सक्रिय ऑपरेशनल किरदार निभा रही हैं. पुलिस का कहना है कि कई मामलों में पुरुष गैंगस्टरों के जेल जाने या मारे जाने के बाद महिलाओं ने नेटवर्क की कमान संभाली. वहीं कुछ महिलाएं खुद अपराध जगत में दाखिल होकर बाद में इस सिंडिकेट से जुड़ीं और अब यह “लेडी नेटवर्क” गैंग की नई ताकत बनता दिख रहा है.
महिलाएं बनीं ऑपरेशनल फेस
जांच एजेंसियों के अनुसार खुसनुमा अंसारी उर्फ ‘मैडम जहर’ जैसे नाम सामने आए हैं, जो कथित तौर पर ब्यूटी पार्लर की आड़ में ड्रग तस्करी नेटवर्क चला रही थीं और गैंग से जुड़ी सप्लाई चेन का हिस्सा थीं. पुलिस का दावा है कि ऐसे नेटवर्क के जरिए हथियार और ड्रग्स दोनों की सप्लाई को सुरक्षित तरीके से अंजाम दिया जाता था. इसी तरह पूजा शर्मा, जो अलग-अलग नामों से काम करती थी, पर चंडीगढ़ में एक प्रतिद्वंद्वी गैंगस्टर की हत्या की साजिश रचने का आरोप है. जांच में सामने आया कि उसे फील्ड सर्वे, रेकी और अटैक प्लानिंग की जिम्मेदारी दी गई थी.
जेल में बैठे गैंगस्टर, बाहर संभालती महिलाएं नेटवर्क
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गैंग का बड़ा हिस्सा अब जेल के अंदर से संचालित होता है और बाहर उसकी कड़ियां संभालने का काम महिला सहयोगियों के पास है. जोया खान और जिकरा जैसी महिलाओं पर आरोप है कि उन्होंने रंगदारी और ड्रग सप्लाई चैन को संभाला, जबकि सोशल मीडिया के जरिए गैंग का डर और प्रभाव बनाए रखने की रणनीति अपनाई. इसी कड़ी में अनुराधा चौधरी उर्फ ‘मैडम मिंज’ और अनु धनखड़ जैसे नाम भी सामने आए, जिन पर हथियार संचालन, नेटवर्किंग और टारगेट फिक्सिंग में भूमिका निभाने के आरोप हैं.
बदलता ट्रेंड: अपराध की दुनिया में ‘लेडी डॉन’ मॉडल
विशेषज्ञ मानते हैं कि संगठित अपराध में महिलाओं की बढ़ती भूमिका कोई संयोग नहीं, बल्कि रणनीतिक बदलाव है. महिलाओं के जरिए संदेह कम होता है, पुलिस की निगरानी से बचना आसान होता है और फ्रंट बिजनेस के जरिए नेटवर्क चलाना सुविधाजनक हो जाता है. पुलिस अब इस पूरे “लेडी ऑपरेटिव नेटवर्क” की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले समय में यह ट्रेंड और मजबूत हो सकता है, जिससे गैंग की पहुंच और प्रभाव दोनों बढ़ सकते हैं.

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