55 लाख से 75 लाख पहुंची LPG बुकिंग, पैनिक बाइंग पर सरकार की अपील- अतिरिक्त सिलेंडर न लें
देश में एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग अचानक बढ़कर 55 लाख से 75 लाख प्रतिदिन तक पहुंच गई है. Ministry of Petroleum and Natural Gas ने कहा कि यह बढ़ोतरी पैनिक बुकिंग की वजह से है और देश में गैस की सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है.

देश में रसोई गैस की किल्लत को लेकर फैल रही आशंकाओं के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति साफ करते हुए कहा है कि एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है. Ministry of Petroleum and Natural Gas की संयुक्त सचिव Sujata Sharma ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग में अचानक तेज बढ़ोतरी देखी गई है. सामान्य दिनों में जहां रोजाना 50 से 55 लाख सिलेंडर बुक होते थे, वहीं हाल के दिनों में यह संख्या बढ़कर करीब 75 से 76 लाख प्रतिदिन तक पहुंच गई है. उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से अफवाहों और घबराहट में की जा रही अतिरिक्त बुकिंग की वजह से हो रही है. सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराकर गैस की अतिरिक्त बुकिंग न करें, क्योंकि देश में एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी की सप्लाई पूरी तरह से स्थिर और पर्याप्त है.
पैनिक बुकिंग से बढ़ी मांग, रोज 50 लाख सिलेंडर का वितरण
सरकार के मुताबिक देशभर में हर दिन करीब 50 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडर का वितरण किया जा रहा है. हालांकि हाल के दिनों में लोगों द्वारा एक साथ बुकिंग कराने के कारण कुल बुकिंग का आंकड़ा 75 लाख से ज्यादा तक पहुंच गया है. अधिकारियों का कहना है कि गैस एजेंसियों या डिस्ट्रीब्यूटर्स की ओर से कहीं भी एलपीजी खत्म होने की स्थिति की जानकारी नहीं मिली है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत से ज्यादा सिलेंडर जमा करने से बचें.
उत्पादन और ईंधन आपूर्ति पर सरकार का दावा
सरकार ने यह भी कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की सप्लाई को लेकर किसी तरह की चिंता की जरूरत नहीं है. अधिकारियों के अनुसार भारत के पास करीब 258 मिलियन मीट्रिक टन कच्चे तेल की रिफाइनिंग क्षमता है और देश की रिफाइनरियां फिलहाल पूरी क्षमता से काम कर रही हैं. इसके अलावा सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति भी सामान्य रूप से जारी है और इनमें किसी तरह की कटौती नहीं की गई है. सरकार ने लोगों को यह भी बताया कि कई शहरों में पाइपलाइन गैस (PNG) का विकल्प उपलब्ध है, जिससे घरेलू गैस की मांग को संतुलित करने में मदद मिल रही है.
वैकल्पिक ईंधन और निगरानी व्यवस्था भी मजबूत
बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने राज्यों को अतिरिक्त 48 हजार किलोलीटर केरोसीन उपलब्ध कराने की मंजूरी दी है ताकि जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक ईंधन के तौर पर इसका इस्तेमाल किया जा सके. इसके साथ ही Coal India Limited को निर्देश दिया गया है कि होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए कोयले की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए. सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि एलपीजी वितरण में अस्पतालों और छात्रावासों जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है. इसके अलावा राज्यों को जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आम उपभोक्ताओं को गैस की उपलब्धता में किसी तरह की परेशानी न हो.

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