रांची में शराब फैक्ट्री पर छापा, पूर्व MLC सुबोध राय समेत तीन गिरफ्तार, फर्जी लेबल से शराब बेचने का आरोप
रांची के ओरमांझी स्थित शराब फैक्ट्री में पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त छापेमारी में पूर्व एमएलसी और राजद नेता सुबोध राय समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया. जांच एजेंसियों का आरोप है कि फैक्ट्री में कथित तौर पर दूसरे राज्यों के फर्जी लेबल लगाकर शराब तैयार और सप्लाई की जा रही थी.

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने ओरमांझी स्थित एक शराब निर्माण इकाई में छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में विभिन्न ब्रांड की शराब और संदिग्ध लेबल बरामद किए गए. मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार विधान परिषद के पूर्व सदस्य रहे सुबोध राय समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. अधिकारियों का आरोप है कि फैक्ट्री में तैयार शराब पर दूसरे राज्यों के नामी ब्रांडों के कथित फर्जी लेबल लगाकर उसे कम कीमत पर बाजार में खपाने की तैयारी की जा रही थी. उत्पाद विभाग ने मामले में कई गंभीर अनियमितताओं की आशंका जताई है और जब्त सामग्री की जांच शुरू कर दी है. इस कार्रवाई के बाद विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि फैक्ट्री में विभाग की ओर से निगरानी के लिए अधिकारी तैनात रहने के बावजूद कथित गड़बड़ियां सामने आई हैं. पूरे मामले की जांच जारी है और आगे कई और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
देर रात चली संयुक्त छापेमारी, तीन लोग गिरफ्तार
जानकारी के अनुसार, रांची पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम ने मंगलवार देर रात ओरमांझी स्थित तरंगनी लिकर्स प्राइवेट लिमिटेड में संयुक्त छापेमारी की. कार्रवाई रात करीब 12 बजे शुरू हुई और बुधवार सुबह तक जारी रही. इस दौरान फैक्ट्री परिसर से राजद नेता एवं बिहार के पूर्व एमएलसी सुबोध राय, उनके चालक देवेंद्र भगत और कर्मचारी रविकांत राय को हिरासत में लिया गया. बाद में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
कई ब्रांड की शराब और संदिग्ध लेबल बरामद
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में विभिन्न ब्रांड की शराब बरामद की. इनमें कथित तौर पर 8 पीएम, आफ्टर डार्क, रॉयल्सन गोल्ड व्हिस्की और किंगफिशर स्ट्रॉन्ग प्रीमियम बीयर शामिल हैं. प्रारंभिक जांच में कुछ बोतलों पर उत्तर प्रदेश और दिल्ली में बिक्री के लिए निर्धारित लेबल लगे मिले. उत्पाद विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि इन लेबलों का उपयोग वैध प्रक्रिया के तहत किया गया था या नहीं.
उत्पाद विभाग ने लगाए कई गंभीर आरोप
उत्पाद विभाग का आरोप है कि फैक्ट्री में लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करते हुए विदेशी शराब का गलत स्टॉक रखा गया. इसके अलावा स्वीकृत ब्रांड से मिलते-जुलते अन्य ब्रांडों का भंडारण, कथित फर्जी दस्तावेजों के जरिए परिवहन और अन्य राज्यों में अवैध आपूर्ति की आशंका भी जताई गई है. विभाग का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो इससे राज्य सरकार के राजस्व को भी नुकसान पहुंचा है.
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब इस फैक्ट्री पर कार्रवाई हुई हो. अधिकारियों के अनुसार, करीब दो वर्ष पहले भी उत्पाद विभाग ने इसी प्लांट में छापेमारी कर उसे सील किया था. इसके बावजूद एक बार फिर कथित अनियमितताओं के सामने आने से जांच एजेंसियां पुराने रिकॉर्ड और लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की भी समीक्षा कर रही हैं.
निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल, जांच जारी
फैक्ट्री में उत्पादन प्रक्रिया की निगरानी के लिए उत्पाद विभाग की ओर से बॉन्ड अफसर की तैनाती की व्यवस्था रहती है. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि निगरानी तंत्र के बावजूद कथित तौर पर दूसरे राज्यों के लेबल लगाकर शराब का निर्माण और भंडारण कैसे होता रहा. विभाग ने पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट और फोरेंसिक परीक्षण के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल मामले में सभी तथ्यों की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts
साहिबगंज हत्याकांड: चाचा के बयान पर FIR दर्ज, आधा दर्जन से अधिक नामजद, पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी
Jharkhand Cabinet Meeting: हेमंत सोरेन कैबिनेट ने 27 प्रस्तावों को दी मंजूरी, कई अहम फैसलों पर लगी मुहर




Leave a comment