JSSC Paper Leak: परीक्षा में पास अभ्यर्थी गिरफ्तार, नेपाल कनेक्शन समेत 125 से ज्यादा उम्मीदवार जांच के घेरे में
JSSC Paper Leak मामले में CID ने परीक्षा में सफल एक अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है. जांच में 125 से अधिक उम्मीदवारों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है. नेपाल ले जाकर सवाल-जवाब रटवाने और कथित वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है.

Ranchi: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक मामले की जांच अब और गंभीर होती जा रही है. अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की विशेष जांच टीम ने मामले में परीक्षा पास कर चुके एक अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसी के मुताबिक गिरफ्तार अभ्यर्थी पर कथित पेपर लीक नेटवर्क को पैसे देने का आरोप है. खास बात यह है कि आरोपी अभ्यर्थी का चयन होने के बाद उसकी सरकारी पद पर तैनाती भी हो चुकी थी. जांच के दौरान अधिकारियों को कई अभ्यर्थियों और कथित पेपर लीक गिरोह के बीच संपर्क के संकेत मिले हैं. एजेंसी अब मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, बैंक खातों में हुए लेन-देन और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है. इसी जांच में 125 से अधिक अभ्यर्थियों की भूमिका संदेह के घेरे में आने की बात सामने आई है. इनमें कुछ उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले नेपाल ले जाने और वहां कथित तौर पर सवाल-जवाब तैयार कराने का आरोप भी जांच का हिस्सा है.
चयनित अभ्यर्थी कुंदन कुमार की गिरफ्तारी
CID की विशेष जांच टीम ने रविवार को कुंदन कुमार नाम के एक सफल अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया. जांच के अनुसार वह पलामू जिले के नौडीहा बाजार क्षेत्र के डुमरी गांव का रहने वाला है. परीक्षा में चयन के बाद उसकी पदस्थापना गुमला जिले के सिसई में बताई गई है. एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने कथित पेपर लीक गिरोह से किस तरह संपर्क किया और कितनी रकम का लेन-देन हुआ.
कथित लीक नेटवर्क तक कैसे पहुंचा मामला
जांच एजेंसी को मिले साक्ष्यों के आधार पर प्रश्नपत्र हासिल करने और अभ्यर्थियों तक परीक्षा से पहले सामग्री पहुंचाने के आरोपों की पड़ताल की जा रही है. जांच में ICN एजेंसी से जुड़े मिथिलेश सिंह का नाम भी सामने आया है. आरोप है कि गिरोह ने प्रश्नपत्र से संबंधित जानकारी अभ्यर्थियों तक पहुंचाई और इसके बदले उनसे पैसे लिए.
नेपाल ले जाए गए 28 अभ्यर्थी
CID के अनुसार 125 से ज्यादा अभ्यर्थी फिलहाल जांच के दायरे में हैं. इनमें करीब 28 उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले नेपाल ले जाने की बात सामने आई है. आरोप है कि वहां उन्हें कथित तौर पर सवालों के जवाब याद कराए गए. जांच एजेंसी यह भी सत्यापित कर रही है कि इन अभ्यर्थियों और लीक नेटवर्क के बीच वास्तविक संपर्क किस स्तर पर था.
135 सवालों की तैयारी का दावा
जांच में कथित तौर पर यह जानकारी सामने आई है कि अभ्यर्थियों को करीब 135 प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराए गए थे. इनमें से लगभग 120 प्रश्न परीक्षा में पूछे जाने का दावा किया जा रहा है. हालांकि इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी. CID उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है.
मोबाइल और बैंक रिकॉर्ड खंगाल रही CID
जांच का एक अहम हिस्सा संदिग्ध उम्मीदवारों और मामले से जुड़े आरोपियों के मोबाइल व वित्तीय रिकॉर्ड की जांच है. अधिकारियों की नजर कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजेक्शन और संभावित संपर्कों पर है. यदि किसी अभ्यर्थी की कथित पेपर लीक नेटवर्क से संलिप्तता साबित होती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति पर भी जांच के अंतिम निष्कर्ष का असर पड़ने की संभावना है.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.



Leave a comment