JPSC विवाद: तमाड़ में पुलिस ने रोके कार्यकर्ता, रांची में घेराव से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम
“14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में BJP और BJYM का प्रदर्शन तेज हो गया है. तमाड़ में पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कार्यकर्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए. वहीं, रांची में JPSC कार्यालय घेराव से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते का इस्तीफा भी.”

Ranchi: झारखंड में 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर BJP और भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है. रांची स्थित JPSC कार्यालय के प्रस्तावित घेराव से पहले तमाड़ के पास पुलिस ने विभिन्न जिलों से आ रहे कार्यकर्ताओं को रोक दिया. इसके विरोध में नाराज कार्यकर्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए और राज्य सरकार व JPSC के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. दूसरी ओर राजधानी रांची में प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. इस बीच JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते के इस्तीफे की खबर ने पूरे मामले को और अधिक राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया है.
तमाड़ में पुलिस ने रोका तो सड़क पर बैठे BJYM कार्यकर्ता
रांची में प्रस्तावित JPSC कार्यालय घेराव में शामिल होने के लिए राज्य के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में BJP और BJYM कार्यकर्ता राजधानी की ओर रवाना हुए थे. इसी दौरान तमाड़ के पास पुलिस ने कार्यकर्ताओं के एक बड़े जत्थे को आगे बढ़ने से रोक दिया. पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार तथा JPSC के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी. प्रदर्शनकारियों ने "तानाशाही नहीं चलेगी", "JPSC मुर्दाबाद" और "युवाओं के साथ अन्याय बंद करो" जैसे नारे लगाए. उनका आरोप है कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने के अधिकार को भी दबाने की कोशिश कर रही है. मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है. फिलहाल प्रदर्शनकारी रांची जाने की अनुमति मिलने तक धरने पर डटे हुए हैं.
रांची में JPSC घेराव को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
BJP और BJYM ने बुधवार को रांची स्थित JPSC कार्यालय के घेराव का ऐलान किया है. प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सख्त कर दी है. JPSC कार्यालय और उसके आसपास के इलाकों में 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए DSP, इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और अन्य पुलिस अधिकारियों को अलग-अलग स्थानों पर जिम्मेदारी सौंपी गई है. BJP कार्यकर्ता सुबह जयपाल सिंह स्टेडियम से मार्च निकालते हुए JPSC कार्यालय पहुंचने की योजना बनाए हुए हैं, जहां धरना और घेराव कार्यक्रम प्रस्तावित है. प्रशासन ने कई प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था हर हाल में बनी रहे.
14वीं JPSC परीक्षा में अनियमितताओं का आरोप, जांच की मांग
BJP और BJYM का कहना है कि 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं, जिससे हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है. संगठन का आरोप है कि परीक्षा से जुड़े विवादों ने युवाओं के बीच आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए तथा जिन अधिकारियों या जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने आए, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही परीक्षा से प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी मांग की जा रही है. BJP का कहना है कि यह आंदोलन केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि राज्य के युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों से जुड़ा मामला है. इसी मांग को लेकर पूरे राज्य से कार्यकर्ता रांची पहुंचे हैं.
JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते का इस्तीफा राजभवन पहुंचा
JPSC से जुड़े विवाद के बीच आयोग के अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते का इस्तीफा राजभवन पहुंच गया है. राज्यपाल सचिवालय में उनके इस्तीफे को स्वीकार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी होने की संभावना है. उल्लेखनीय है कि मंगलवार को JPSC में कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच के तहत CID और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने आयोग के कार्यालय में छापेमारी की थी. छापे के बाद ही अध्यक्ष के इस्तीफा देने की जानकारी सामने आई थी. अब उनके इस्तीफे के राजभवन पहुंचने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है. इस घटनाक्रम के बीच JPSC की कार्यप्रणाली, परीक्षा प्रक्रिया और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सवाल और तेज हो गए हैं. वहीं, प्रदर्शन कर रहे संगठन इसे अपनी मांगों के समर्थन में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम मान रहे हैं.

