JPSC अभ्यर्थियों का प्रदर्शन: उम्र सीमा विवाद पर आयोग पर आदेश न मानने का आरोप
“झारखंड में JPSC भर्ती प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. उम्र सीमा और कट-ऑफ तिथि में बदलाव के विरोध में अभ्यर्थियों ने आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद कार्रवाई न होने का आरोप लगाया. जल्द समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है.”

Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता दिख रहा है. उम्र सीमा और कट-ऑफ तिथि में संशोधन की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बावजूद आयोग ने अब तक आवेदन के लिए विशेष लिंक जारी नहीं किया है. इस मुद्दे को लेकर अभ्यर्थियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और उन्होंने जल्द कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है.
कोर्ट आदेश लागू करने की मांग
अभ्यर्थियों का कहना है कि पूर्व विज्ञापन में कट-ऑफ तिथि वर्ष 2017 निर्धारित थी, जबकि वर्तमान प्रक्रिया में सरकार ने इसे बदलकर 2022 कर दिया है. उनका तर्क है कि यदि पिछली कट-ऑफ 2017 थी तो अगली तिथि तार्किक रूप से 2018 होनी चाहिए. प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के अनुसार, हाईकोर्ट ने 20 फरवरी को अंतरिम आदेश जारी कर आयोग को निर्देश दिया था कि प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए एक विशेष लिंक जारी कर आवेदन स्वीकार किया जाए. आरोप है कि आदेश के कई दिन बाद भी आयोग की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है, जिससे अभ्यर्थियों में असंतोष और बढ़ गया है.
नहीं हुआ समाधान तो आंदोलन तेज
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे सरकार से नियुक्ति नहीं, बल्कि केवल परीक्षा में बैठने का अवसर मांग रहे हैं. उनका आरोप है कि कट-ऑफ 2022 या आगे तय करने से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उम्र सीमा के कारण बाहर हो जाएंगे, जिनमें कई 40 वर्ष के आसपास के उम्मीदवार शामिल हैं. प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग करते हुए बताया कि वे राज्यपाल और सरकार को ज्ञापन सौंप चुके हैं. उनका कहना है कि यदि जल्द ही कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप लिंक जारी नहीं किया गया और उम्र सीमा में संशोधन नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

