जेपीसी ने स्पीकर ओम बिरला को सौंपी वक्फ विधेयक पर 655 पेज की अंतिम रिपोर्ट, विपक्ष ने कहा : वक्फ बोर्डों को बर्बाद कर देगा यह बिल
जेपीसी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने वक्फ विधेयक पर स्पीकर ओम बिरला को रिपोर्ट सौंप दी है. इस रिपोर्ट को 5 वोटों से मंजूरी मिली है. समिति की रिपोर्ट को विपक्षी सदस्यों ने असहमति के नोट दिए हैं.


नई दिल्ली : वक्फ (संशोधन) विधेयक पर विचार करने वाली ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने लोकसभा स्पीकर को अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है. समिति की रिपोर्ट को 11 के मुकाबले 15 मतों से मंजूरी दे दी गई. इस समिति की रिपोर्ट को विपक्षी सदस्यों ने असहमति के नोट दिए हैं. समिति ने बुधवार को 655 पृष्ठों वाली इस रिपोर्ट को बहुमत से स्वीकार किया था, वहीं विपक्षी सदस्यों ने इसे असंवैधानिक करार दिया. विपक्षी पार्टी के सदस्यों का आरोप है कि यह बिल वक्फ बोर्डों को बर्बाद कर देगा. वहीं भाजपा सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले साल अगस्त में लोकसभा में पेश किए गए इस विधेयक में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में आधुनिकता, पारदर्शिता और जवाबदेही लाने का प्रयास करेगा.
विपक्ष ने 44 प्रावधानों में संशोधन का रखा था प्रस्ताव
सोमवार को हुई समिति की बैठक में बीजेपी सदस्यों के प्रस्तावित सभी संशोधनों को स्वीकार कर लिया गया था. साथ ही विपक्षी सदस्यों के संशोधनों को खारिज कर दिया था. समिति में शामिल विपक्षी सदस्यों ने विधेयक के सभी 44 प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव रखा था. गौरतलब है कि वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरण रिजीजू द्वारा लोकसभा में पेश किए जाने के बाद 8 अगस्त, 2024 को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजा गया था.
बहुमत के आधार पर 14 संशोधन स्वीकर हुए
जेसीपी अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा कि विधेयक के 44 संशोधनों के सभी खंड पर चर्चा की गई. छह महीने तक इस पर बड़ी चर्चा के बाद हमने सभी सदस्यों से संशोधन मांगे थे. समिति ने बहुमत के आधार पर 14 संशोधनों को स्वीकार किया. विपक्ष ने भी संशोधन प्रस्तावित किए, लेकिन 10 वोटों के समर्थन और 16 वोटों के विरोध में इन्हें खारिज कर दिया गया.
मुसलमानों को नुकसान पहुंचाने वाला है बिल : ओवैसी
वहीं एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि 'यह वक्फ के पक्ष में नहीं है. मैं शुरू से कह रहा हूं कि भाजपा अपनी विचारधारा के अनुसार मुसलमानों के खिलाफ यह बिल लेकर आई है. इसका उद्देश्य वक्फ बोर्ड को नुकसान पहुंचाना और उनकी मस्जिदों पर कब्जा करना है. जब यह बिल संसद में लाया जाएगा, तो हम वहां भी इसका विरोध करेंगे.
बजट सत्र में विधेयक पेश किए जाने की संभावना
वक्फ (संशोधन) विधेयक संसद के बजट सत्र के दौरान पेश किए जाने की संभावना है. संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होकर 4 अप्रैल तक चलेगा, जबकि केंद्रीय बजट एक फरवरी को पेश किया जाएगा.
क्या था वक्फ (संशोधन) विधेयक
वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 को केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में पेश किया था और इसे 8 अगस्त 2024 को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजा गया था. इस विधेयक का उद्देश्य 1995 में बने वक्फ अधिनियम में संशोधन करना है ताकि वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और विनियमन से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जा सके.

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