JPSC जांच पर JLKM का बड़ा बयान, देवेंद्र नाथ महतो बोले- लीपापोती नहीं, समयबद्ध और पारदर्शी जांच हो
“JPSC में कथित अनियमितताओं को लेकर JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो ने निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है. उन्होंने परीक्षा एजेंसी, अधिकारियों की भूमिका और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की.”

रिपोर्ट: संजय मुंडा
Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में कथित अनियमितताओं को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो ने जांच प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि छात्रों के लंबे आंदोलन और संघर्ष के बाद हुई सीआईडी व पुलिस की छापेमारी जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. हालांकि, उन्होंने सरकार से मांग की कि पूरे मामले की जांच समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए तथा इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके.
छात्रों के आंदोलन के बाद हुई कार्रवाई, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि JPSC कार्यालय, आयोग से जुड़े कर्मचारियों और परीक्षा एजेंसी के ठिकानों समेत करीब आठ स्थानों पर सीआईडी और पुलिस की संयुक्त छापेमारी छात्रों के लंबे संघर्ष का परिणाम है. उन्होंने बताया कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, पेन ड्राइव और हार्ड डिस्क जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच जारी है. महतो ने कहा कि अब सरकार और जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच समय सीमा के भीतर पूरी की जाए. उन्होंने मांग की कि जांच पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि अभ्यर्थियों और आम जनता के बीच किसी तरह का संदेह न रहे. उन्होंने चेतावनी दी कि केवल जांच के नाम पर लीपापोती कर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाना युवाओं के साथ अन्याय होगा.
14वीं JPSC परीक्षा में गंभीर अनियमितताओं का लगाया आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में देवेंद्र नाथ महतो ने आरोप लगाया कि 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, एफआरओ और एसीएफ परीक्षाओं में कई गंभीर अनियमितताएं हुई हैं. उन्होंने कहा कि छात्रों ने पहले ही ओएमआर शीट से छेड़छाड़ और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियों से जुड़े कई दस्तावेज सार्वजनिक किए थे, जो अब जांच एजेंसियों के लिए अहम साक्ष्य बन सकते हैं. उनके अनुसार, छात्रों द्वारा जुटाए गए प्रमाण इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. उन्होंने कहा कि यदि इन तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाती है तो भर्ती प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं का पूरा सच सामने आ सकता है. महतो ने मांग की कि जांच एजेंसियां छात्रों द्वारा उपलब्ध कराए गए सभी दस्तावेजों को गंभीरता से जांच का हिस्सा बनाएं.
परीक्षा एजेंसी और अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग
JLKM नेता ने परीक्षा संचालन करने वाली टीडीपीएल एजेंसी की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में ब्लैकलिस्ट होने के बावजूद इस एजेंसी को JPSC की कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंप दी गईं. उनका आरोप था कि ऑनलाइन आवेदन, एडमिट कार्ड जारी करने, ओएमआर शीट की छपाई, उत्तर पुस्तिकाओं की प्रोसेसिंग और परिणाम तैयार करने जैसे लगभग आठ महत्वपूर्ण कार्य एक ही एजेंसी को देना पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है. इसके अलावा उन्होंने JPSC की तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की. महतो ने कहा कि तबादले के बाद भी उनका आयोग आना-जाना कई सवाल खड़े करता है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
'व्यवस्था में व्यापक सुधार जरूरी, सिर्फ पदाधिकारी बदलने से नहीं होगा समाधान'
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि यदि सरकारी नौकरियों की खरीद-फरोख्त होती है तो यह केवल पदों की बिक्री नहीं, बल्कि झारखंड की प्रशासनिक व्यवस्था और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्ट तरीके से हुई नियुक्तियां राज्य के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को कमजोर करती हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा जांच शुरू कराने के फैसले का स्वागत करते हुए इसके लिए धन्यवाद दिया और विधायक जयराम महतो के प्रयासों की भी सराहना की. महतो ने मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और JPSC व JSSC में व्यापक संस्थागत सुधार किए जाएं. उनका कहना था कि केवल चेयरमैन या सचिव बदलने से व्यवस्था नहीं सुधरेगी, बल्कि पूरी भर्ती प्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना होगा.

