Jio Platforms IPO: पहले दिन ही निवेशकों में मची होड़, 100 मिनट में फुल सब्सक्राइब हुआ ₹30,213 करोड़ का इश्यू
JIO प्लेटफॉर्म्स के ₹30,213 करोड़ के IPO को पहले दिन जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला. जानिए IPO का प्राइस बैंड, GMP, सब्सक्रिप्शन, संभावित लिस्टिंग डेट और निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी.

Jio Platforms IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है. ₹30,213 करोड़ के इस मेगा इश्यू को लेकर निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, आईपीओ खुलने के महज 100 मिनट के भीतर ही इसे पूरा सब्सक्रिप्शन मिल गया. खास तौर पर क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की ओर से मजबूत मांग दर्ज की गई. इसके अलावा, ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ने भी निवेशकों का ध्यान खींचा है. आइए जानते हैं आईपीओ का आकार, प्राइस बैंड, सब्सक्रिप्शन, संभावित लिस्टिंग और निवेशकों के लिए इससे जुड़ी अहम बातें.
Jio Platforms IPO को पहले दिन मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने सब्सक्रिप्शन के शुरुआती घंटों में ही निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. ₹30,213 करोड़ के इस इश्यू को पहले 100 मिनट में ही पूरी तरह सब्सक्राइब किए जाने की जानकारी सामने आई. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शुरुआती दो घंटों में आईपीओ के तहत बिक्री के लिए रखे गए 19,75,25,934 शेयरों के मुकाबले 22,65,62,880 शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं. इस तरह कुल सब्सक्रिप्शन लगभग 1.15 गुना तक पहुंच गया. संस्थागत निवेशकों की भागीदारी इसमें सबसे अधिक दिखाई दी. क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) कैटेगरी को शुरुआती चरण में तीन गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन मिला, जबकि ताजा आंकड़ों में यह आंकड़ा 3.68 गुना बताया गया. हालांकि, आईपीओ की अंतिम सब्सक्रिप्शन स्थिति बोली अवधि समाप्त होने के बाद ही स्पष्ट होगी. निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण है कि अलग-अलग कैटेगरी में मांग किस तरह आगे बढ़ती है.
Jio IPO का प्राइस बैंड, GMP और संभावित कमाई
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर निर्धारित किया गया है. इस इश्यू का लॉट साइज 12 शेयरों का बताया गया है. ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर खुदरा निवेशक के लिए न्यूनतम आवेदन राशि ₹13,428 बनती है. दूसरी ओर, ग्रे मार्केट में इस आईपीओ को लेकर भी हलचल देखने को मिली. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹276 प्रति शेयर तक पहुंच गया था. यदि इस प्रीमियम को ऊपरी प्राइस बैंड में जोड़कर देखें, तो अनुमानित कीमत ₹1,395 प्रति शेयर बनती है. हालांकि, यह केवल ग्रे मार्केट पर आधारित सांकेतिक अनुमान है, न कि शेयर बाजार में मिलने वाली निश्चित लिस्टिंग कीमत. GMP में तेजी से बदलाव हो सकता है और इसका आधिकारिक एक्सचेंज कीमत से सीधा संबंध सुनिश्चित नहीं होता. इसलिए निवेशकों को केवल संभावित लिस्टिंग लाभ देखकर फैसला नहीं लेना चाहिए, बल्कि कंपनी के कारोबार, मूल्यांकन और जोखिमों का भी आकलन करना चाहिए.
भारत का सबसे बड़ा IPO बना Jio Platforms इश्यू
जियो प्लेटफॉर्म्स का ₹30,213 करोड़ का आईपीओ आकार के लिहाज से भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बताया गया है. इससे पहले यह रिकॉर्ड हुंडई मोटर इंडिया के नाम था, जिसने लगभग ₹27,870 करोड़ का आईपीओ पेश किया था. जियो के इश्यू को लेकर एंकर निवेशकों की मांग भी चर्चा में रही. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, एंकर निवेशकों के लिए निर्धारित लगभग ₹8,110 करोड़ के शेयरों के मुकाबले ₹2.5 लाख करोड़ से अधिक की बोलियां प्राप्त हुई थीं. यह शुरुआती संस्थागत दिलचस्पी को दर्शाता है. वहीं, आईपीओ के विभिन्न हिस्सों में सब्सक्रिप्शन का स्तर अलग-अलग रहा. शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, शेयरहोल्डर रिजर्वेशन कैटेगरी में 48 प्रतिशत, कर्मचारी कैटेगरी में 59 प्रतिशत, खुदरा निवेशक कैटेगरी में 26 प्रतिशत और गैर-संस्थागत निवेशक कैटेगरी में 29 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया. ये आंकड़े समय के साथ बदल सकते हैं. इसलिए निवेशकों को आवेदन करने से पहले एक्सचेंज पर उपलब्ध नवीनतम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों और कंपनी की ओर से जारी आधिकारिक दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए.
Jio IPO की लिस्टिंग कब? शेयरहोल्डर्स के लिए भी मौका
जारी शेड्यूल के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 23 अक्टूबर को बंद होना निर्धारित था. इसके बाद 26 अक्टूबर को शेयरों का अलॉटमेंट और 27 अक्टूबर को रिफंड तथा डीमैट खातों में शेयर क्रेडिट की प्रक्रिया निर्धारित की गई थी. कंपनी के शेयरों की बीएसई और एनएसई पर लिस्टिंग 28 अक्टूबर को प्रस्तावित थी. इसके अलावा, रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरहोल्डर्स के लिए भी आईपीओ में अलग आरक्षित हिस्सा रखा गया था. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, शेयरहोल्डर कैटेगरी के लिए ₹2,500 करोड़ तक के शेयर आरक्षित थे. पात्र निवेशक संबंधित नियमों और पात्रता शर्तों के अधीन शेयरहोल्डर तथा खुदरा कैटेगरी में आवेदन कर सकते थे. हालांकि, एक से अधिक कैटेगरी में आवेदन करने से शेयर मिलने की गारंटी नहीं होती. निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि आईपीओ का सब्सक्रिप्शन, GMP और संभावित लिस्टिंग लाभ भविष्य के रिटर्न की निश्चितता नहीं बताते. निवेश से पहले आधिकारिक आईपीओ दस्तावेज पढ़ें और जरूरत पड़ने पर पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से सलाह लें.
Disclaimer: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य से तैयार किया गया है. शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें.

