बम धमकियों के मास्टरमाइंड से पूछताछ करने दिल्ली रवाना हुई झारखंड पुलिस की टीम
“देशभर के स्कूल, अदालत और सरकारी दफ्तरों को बम धमकी देने वाले 47 वर्षीय आरोपी श्रीनिवास लुईस से पूछताछ के लिए झारखंड पुलिस दिल्ली रवाना हुई. आरोपी को कर्नाटक के मैसूर से गिरफ्तार किया गया था. अब जांच के तहत डिजिटल साक्ष्यों और धमकी संदेशों की विस्तृत जांच की जा रही है.”

रांची: झारखंड समेत देशभर के कई अदालतों और सरकारी दफ्तरों को बम से उड़ने की धमकी देने वाले शख्स से अब झारखंड पुलिस भी पूछताछ करेगी. झारखंड पुलिस की एक टीम गिरफ्तार शख्स से पूछताछ के लिए दिल्ली रवाना हो चुकी है.
दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जिसने देशभर में स्कूलों, अदालतों और सरकारी दफ्तरों को बम से उड़ाने की झूठी धमकियाँ देकर आतंक का माहौल बनाने का आरोप लगाया है. आरोपी 47 वर्षीय श्रीनिवास लुईस को कर्नाटक के मैसूर से गिरफ्तार किया गया, जहाँ से उसने 1,000 से भी अधिक फर्जी धमकी भरे ई मेल और मैसेज भेजे थे. जांच में पता चला है कि उसने कई हाई कोर्ट, स्कूल, सरकारी कार्यालय और संवेदनशील संस्थानों को ई मेल तथा अन्य माध्यमों से धमकियाँ दीं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को विस्तृत जांच और सतर्कता बरतनी पड़ी. इन धमकियों के कारण कई स्थानों पर सुरक्षा उपाय कड़े किए गए और जांच टीमों को सक्रिय रहना पड़ा. अब इस पूरे मामले की गहनता को देखते हुए झारखंड पुलिस की एक टीम आरोपी से पूछताछ के लिए दिल्ली के लिए रवाना हुई है, ताकि इस तकनीकी अपराध के पीछे की पूरी साजिश और नेटवर्क का खुलासा किया जा सके.
आरोपी कब और कहाँ गिरफ्तार हुआ?
दिल्ली पुलिस ने 30 मार्च को 47 वर्षीय श्रीनिवास लुईस को कर्नाटक के मैसूर स्थित उसके किराए के घर से गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार, यह वही व्यक्ति है जिसने पिछले कुछ समय से देशभर के स्कूलों, अदालतों और सरकारी दफ्तरों को बम धमकी वाले फर्जी ई मेल भेजकर दहशत फैलाई.
जांच अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी ट्रैकिंग के जरिए आरोपी की लोकेशन पकड़ी गई और उसे गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने उसके कब्जे से एक लैपटॉप, कई सिम कार्ड और डिजिटल उपकरण भी बरामद किए हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया है.
पूछताछ में अब तक क्या सामने आया?
प्राथमिक पूछताछ में आरोपी ने माना है कि उसने देशभर में 1,000 से अधिक फर्जी धमकी संदेश भेजे हैं और कई संवेदनशील संस्थानों को लक्षित किया है. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि उसने धमकी संदेश भेजने के लिए कई नकली ई मेल आईडी और डिजिटल ट्रिक्स का उपयोग किया था, जिससे उसका असली ठिकाना छिपा रहे.
अब झारखंड पुलिस की टीम उसे दिल्ली में विस्तृत पूछताछ के लिए ले जा रही है ताकि यह पता चल सके कि उसके पीछे कोई नेटवर्क या और आरोपी जुड़े तो नहीं हैं. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या उसने अपने काम से कोई मानसिक तनाव या अन्य कारणों से यह कृत्य किया था.
अब तक किन किन संस्थानों को धमकी मिली?
जांच में पता चला है कि आरोपी ने ना सिर्फ छोटे बड़े स्कूलों को बल्कि हाई कोर्ट, उच्च न्यायालय, सरकारी कार्यालयों और संवेदनशील संस्थानों को बम धमकी वाले ई मेल भेजे हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को व्यापक स्तर पर सतर्क रहना पड़ा.
इन धमकियों के कारण कई स्थानों पर सुरक्षा उपाय बढ़ाए गए और संस्थानों में जांच परख की गई. कुछ स्थानों पर स्कूल और कोर्ट परिसर को अस्थायी रूप से खाली भी कराया गया. हालांकि जांच में अब तक धमकियों को झूठा (होएक्स) पाया गया है और कोई वास्तविक विस्फोट नहीं हुआ.
अगला कदम और जांच की दिशा
अब जब आरोपी गिरफ्तार हो चुका है, तो सुरक्षा एजेंसियाँ धमकी संदेशों की डिजिटल सामग्री, आईपी लॉग, ई मेल सर्वर और अन्य तकनीकी सुरागों को बरामद कर रही हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपित ने ये संदेश किन किन तकनीकों से भेजे और क्या उसके अलावा कोई और व्यक्ति या समूह इससे जुड़ा हुआ है.
साथ ही, विभिन्न राज्यों में दर्ज एफआईआर और प्राप्त धमकी संदेशों के बीच कोई कनेक्शन है या नहीं इसका विश्लेषण भी चल रहा है. झारखंड पुलिस की टीम के अलावा अन्य राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर इस पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश जारी है.

