झारखंड के महाधिवक्ता राजीव रंजन ने दिया इस्तीफा, कारणों पर सस्पेंस बरकरार
झारखंड की राजनीति और कानूनी गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार के महाधिवक्ता (Advocate General) राजीव रंजन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

झारखंड की राजनीति और कानूनी गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार के महाधिवक्ता (Advocate General) *राजीव रंजन* ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जानकारी के अनुसार उन्होंने अपना इस्तीफा राज्य के मुख्य सचिव को भेज दिया है। हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से इस्तीफे को स्वीकार किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, राजीव रंजन के इस्तीफे की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन इसके पीछे की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। इस बीच सत्ता और प्रशासनिक गलियारों में इस्तीफे को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
राजीव रंजन झारखंड हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और उन्हें 7 फरवरी 2020 को राज्य का महाधिवक्ता नियुक्त किया गया था। तब से वे राज्य सरकार के कई महत्वपूर्ण मामलों में कानूनी पक्ष रख रहे थे।
जानकारी के अनुसार, वर्तमान सरकार के पहले कार्यकाल में उनकी नियुक्ति हुई थी, लेकिन सरकार के दूसरे कार्यकाल में महाधिवक्ता पद पर उनकी नियुक्ति को लेकर कोई नया आदेश जारी नहीं किया गया। इसके बावजूद वे लगातार महाधिवक्ता के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे थे।
महाधिवक्ता का पद राज्य सरकार की कानूनी रणनीति और न्यायालयों में उसके प्रतिनिधित्व के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में राजीव रंजन के इस्तीफे के बाद अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम और नए महाधिवक्ता की नियुक्ति पर टिकी हुई है।
फिलहाल सरकार की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इस्तीफे के कारणों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार किया जा रहा है।

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