ईरान का बदला: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकर पर हमला, 15 भारतीय क्रू मेंबर थे सवार
“ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर 'स्काईलाइट' पर हमला किया, जिसमें 15 भारतीय क्रू मेंबर और पांच ईरानी नागरिक सवार थे. इस हमले को अमेरिका और इजराइल के खामेनेई पर सैन्य हमलों के जवाब में किया गया बताया जा रहा है.”

पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बीच ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर 'स्काईलाइट' पर हमला किया, जिसमें 15 भारतीय और 5 ईरानी क्रू मेंबर सवार थे. इस हमले को अमेरिका-इजरायल के हालिया हमलों का जवाब माना जा रहा है. टैंकर ओमान के मुसंदम प्रायद्वीप के पास लक्ष्य बनाया गया और इसमें चार लोग घायल हुए. क्रू के सभी सदस्य सुरक्षित निकाल लिए गए. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य सभी जहाजों के लिए अस्थायी रूप से बंद है. इसी बीच, पाकिस्तान के तीन जहाज — कराची, लाहौर और खैरपुर — को भी होर्मुज में जाने से रोका गया. लाहौर और खैरपुर को UAE के फुजैराह बंदरगाह पर रुकने का निर्देश मिला, जबकि कराची को ग्वादर में लंगर डालने को कहा गया. यह क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए गंभीर संकेत है.
भारतीय क्रू पर हमले का असर
पलाऊ के झंडे वाले टैंकर पर हुए हमले में 20 लोगों का क्रू था, जिसमें 15 भारतीय शामिल थे. हमले के तुरंत बाद सभी क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सभी जहाजों के लिए बंद करने की चेतावनी जारी की. इस जलडमरूमध्य से विश्व के तेल निर्यात का बड़ा हिस्सा गुजरता है, इसलिए इस हमले से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ सकता है.
पाकिस्तान के जहाजों पर रोक और वैश्विक असर
ईरान ने पाकिस्तान नेशनल शिपिंग कॉर्पोरेशन के तीन जहाजों — कराची, लाहौर और खैरपुर — को होर्मुज में प्रवेश से रोक दिया. यह निर्णय अमेरिका-इजरायल के हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई के कारण लिया गया. पाकिस्तान के जहाजों पर क्रू सवार था और उन्हें सुरक्षित बंदरगाहों पर रुकने का आदेश मिला. इस कार्रवाई से फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में तेल शिपिंग पर दबाव बढ़ गया है और वैश्विक तेल बाजार में आपूर्ति अस्थिर होने की संभावना है.

