“सबूत नहीं तो FIR तय!” दूरबीन दिखाकर इरफान अंसारी ने बाबूलाल मरांडी को दी चुनौती
“झारखंड की सियासत एक बार फिर गर्म हो गई है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने आईपीएच सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा लगाए गए आरोपों का कड़ा जवाब दिया. ”

Ranchi: झारखंड की सियासत एक बार फिर गर्म हो गई है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने आईपीएच सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा लगाए गए आरोपों का कड़ा जवाब दिया. बाबूलाल मरांडी ने स्वास्थ्य विभाग पर एंबुलेंस और दवा घोटाले के गंभीर आरोप लगाए थे, जिनका इरफान अंसारी ने पूरी तरह खंडन किया. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री ने न सिर्फ आरोपों को साजिश बताया, बल्कि एक दूरबीन दिखाकर तंज भी कसा और कहा कि इसे बाबूलाल मरांडी को भेज देंगे ताकि वे खुद जाकर एंबुलेंस की स्थिति देख सकें. मंत्री ने एंबुलेंस व्यवस्था, दवा प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धियों को गिनाते हुए विपक्ष को सबूत पेश करने की चुनौती दी और चेतावनी दी कि यदि आरोप साबित नहीं हुए तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
एंबुलेंस और दवा घोटाले के आरोपों पर इरफान अंसारी का जवाब
प्रेस कॉन्फ्रेंस में इरफान अंसारी ने बाबूलाल मरांडी के उस बयान का जवाब दिया जिसमें कहा गया था कि एनएचएम के तहत 251 एंबुलेंस बेकार पड़ी हैं. मंत्री ने कहा कि यह दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है. उन्होंने कहा कि अगर इतनी बड़ी संख्या में एंबुलेंस निष्क्रिय हैं तो इसकी आधिकारिक सूची सार्वजनिक की जाए. इरफान अंसारी ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष बिना तथ्यों के सरकार की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में पुरानी एंबुलेंस अपनी सेवा अवधि पूरी कर चुकी हैं और अब नई एंबुलेंस की जरूरत है, जिस पर सरकार काम कर रही है. दवाओं के एक्सपायर होने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि आपदा और विशेष बीमारियों के लिए दवाएं पहले से खरीदी जाती हैं, और मांग कम होने पर कुछ स्टॉक बच सकता है, लेकिन खराब दवाओं का भुगतान नहीं किया गया है और उन्हें वितरण से रोक दिया गया है.
एक सप्ताह की चेतावनी और एफआईआर की बात
मंत्री इरफान अंसारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाबूलाल मरांडी को एक सप्ताह का समय देते हुए कहा कि यदि उनके आरोपों के समर्थन में सबूत पेश नहीं किए गए तो उनके खिलाफ थाना में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि गंभीर आरोप लगाने से पहले ठोस प्रमाण होना जरूरी है. मंत्री ने दोहराया कि स्वास्थ्य विभाग पर लगाए गए आरोप निराधार हैं और इनका उद्देश्य केवल सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाना है. उन्होंने कहा कि विभाग की पारदर्शिता को लेकर किसी भी तरह की जांच का स्वागत है, लेकिन बिना सबूत के आरोप स्वीकार नहीं किए जाएंगे.
स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धियां और भविष्य की योजनाएं
इरफान अंसारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया. उन्होंने दावा किया कि झारखंड का स्वास्थ्य विभाग देश में तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है और सरकार इसे पहले स्थान पर लाने के लिए काम कर रही है. उन्होंने बताया कि राज्य में रिम्स-2 की तैयारी चल रही है और पीजी सीटों में भी बढ़ोतरी की गई है. साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एआई और रोबोटिक तकनीक को शामिल करने की योजना पर भी काम चल रहा है. मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि शैलेंद्र श्रीवास्तव की नियुक्ति प्रक्रिया के तहत की गई है और इसे लेकर फैलाए जा रहे भ्रम गलत हैं. उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है और किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव से प्रभावित नहीं होगी.


