हेमंत सोरेन गृह विभाग छोड़ें, स्थायी DGP नियुक्त करें; पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने दी आंदोलन की चेतावनी
“झारखंड की कानून-व्यवस्था को लेकर पूर्व मंत्री और भाजपा नेता केएन त्रिपाठी ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने मुख्यमंत्री से गृह विभाग किसी सक्षम मंत्री को सौंपने, राज्य में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति करने और पुलिस व्यवस्था में सुधार की मांग की.”

Palamu: झारखंड की कानून-व्यवस्था को लेकर पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता केएन त्रिपाठी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है. मेदिनीनगर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से गृह विभाग किसी सक्षम मंत्री को सौंपने और राज्य में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति करने की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाएं सरकार की विफलता को दर्शाती हैं. इसके अलावा उन्होंने पुलिस अधिकारियों की कथित मिलीभगत, पलामू में हुई हत्याओं और केंद्र सरकार की एथेनॉल मिश्रण नीति पर भी सवाल उठाते हुए कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं.
केएन त्रिपाठी ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल
पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने कहा कि झारखंड में कानून-व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है और राज्य सरकार इसे नियंत्रित करने में विफल साबित हो रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लगातार हत्याएं हो रही हैं और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. उन्होंने कहा कि पलामू में हाल के दिनों में हुई कई हत्याओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. त्रिपाठी का आरोप है कि एक हत्या के मामले में पुलिस की भूमिका भी सामने आई है. उन्होंने कहा कि यदि पुलिसकर्मियों की अपराधियों से मिलीभगत की जांच होती है तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं.
'मुख्यमंत्री गृह विभाग छोड़ें, स्थायी DGP की हो नियुक्ति'
केएन त्रिपाठी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास कई विभागों की जिम्मेदारी है, इसलिए उन्हें गृह विभाग किसी सक्षम मंत्री को सौंप देना चाहिए. उनके अनुसार, इससे कानून-व्यवस्था पर अधिक प्रभावी तरीके से काम किया जा सकेगा. उन्होंने राज्य में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति की भी मांग की. उनका कहना था कि पुलिस नेतृत्व में स्थिरता होने से प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी. पूर्व मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने व्यवस्था में सुधार नहीं किया तो उसके खिलाफ "उलगुलान" यानी व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा.
पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केएन त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि पुलिस के निचले स्तर के कुछ अधिकारियों की अपराधियों से कथित सांठगांठ की बातें सामने आ रही हैं. उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. उन्होंने मेदिनीनगर बाइपास रोड स्थित जेएमपी परिसर में तैनात गार्ड विनोद पांडेय की गोली मारकर हत्या का भी उल्लेख किया. त्रिपाठी ने कहा कि ऐसी घटनाएं राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और पुलिस मुख्यालय को दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने चाहिए.
एथेनॉल नीति पर भी सरकार को घेरा
केएन त्रिपाठी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार की एथेनॉल मिश्रण नीति पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने से वाहनों के इंजन पर असर पड़ सकता है और भविष्य में वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. उन्होंने मांग की कि यदि एथेनॉल मिश्रण के प्रभाव को लेकर कोई वैज्ञानिक अध्ययन किया गया है तो उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए. साथ ही उन्होंने कहा कि इस नीति पर एक श्वेत पत्र (White Paper) जारी किया जाना चाहिए, ताकि लोगों के सामने सभी तथ्य स्पष्ट हो सकें.
सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग
केएन त्रिपाठी ने कहा कि राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ती आपराधिक घटनाएं सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही हैं. उन्होंने कहा कि सरकार को पुलिस व्यवस्था में सुधार, स्थायी डीजीपी की नियुक्ति और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए. साथ ही उन्होंने एथेनॉल नीति को लेकर भी सरकार से पारदर्शिता बरतने और जनता के सामने सभी तथ्यों को रखने की मांग दोहराई.

