Jharkhand Weather: झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
झारखंड में अगले 6 दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा. कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है.

Jharkhand Weather: झारखंड में अगले छह दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में आज से आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. वहीं, 3 और 4 सितंबर को कुछ स्थानों पर मेघगर्जन और वज्रपात के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है. हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इसे देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है. बारिश के बावजूद अधिकतम तापमान में करीब 4 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है.
बारिश के बीच बढ़ेगा तापमान, उमस करेगी परेशान
बारिश की गतिविधियों के बीच झारखंड में अधिकतम तापमान बढ़ने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के अधिकतम तापमान में अगले कुछ दिनों में करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है. इससे बारिश के बावजूद लोगों को उमस वाली गर्मी का सामना करना पड़ेगा. राजधानी रांची में भी अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस से बढ़कर करीब 30 डिग्री तक पहुंच सकता है. मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में 9 सितंबर के आसपास एक बार फिर निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. इसके प्रभाव से झारखंड में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं. मौसम विभाग ने लोगों से वज्रपात के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है.
इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है. देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज के साथ-साथ जमशेदपुर, चाईबासा और सरायकेला-खरसावां के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं, राज्य के अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है. बारिश के दौरान कुछ इलाकों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं. हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की संभावना है. ऐसे में लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है. मौसम में लगातार बदलाव को देखते हुए किसानों और आम लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है.
2 सितंबर तक पूरा हुआ सामान्य बारिश का कोटा
झारखंड में अगस्त महीने के दौरान हुई अच्छी बारिश ने मानसून की स्थिति को काफी बेहतर कर दिया है. मानसून की शुरुआत में अल-नीनो के प्रभाव और कम बारिश के कारण राज्य में सूखे की आशंका जताई गई थी. जून और जुलाई में भी बारिश सामान्य से कम रही थी, जिसका असर धानरोपनी और जलाशयों के जलस्तर पर दिखाई दिया. हालांकि, अगस्त में बंगाल की खाड़ी में लगातार बने निम्न दबाव और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण राज्य में अच्छी बारिश हुई. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 2 सितंबर तक झारखंड में सामान्य बारिश 815.6 मिलीमीटर होनी चाहिए थी, जबकि इस अवधि में 818.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई. यह सामान्य से करीब 3 प्रतिशत अधिक है. इस तरह राज्य ने मानसून की इस अवधि में सामान्य बारिश का 100 प्रतिशत कोटा पूरा कर लिया है.
9 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश
राज्य का औसत बारिश का आंकड़ा भले ही सामान्य से अधिक हो गया है, लेकिन जिलावार बारिश का वितरण समान नहीं रहा है. झारखंड के नौ जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है. पाकुड़ में 459.3 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 919.2 मिलीमीटर होनी चाहिए थी. देवघर में 511.1 मिलीमीटर के मुकाबले सामान्य आंकड़ा 764.5 मिलीमीटर है. चतरा में 526.5 मिलीमीटर के मुकाबले 753.7 मिलीमीटर और गोड्डा में 531.8 मिलीमीटर के मुकाबले 703.2 मिलीमीटर सामान्य बारिश होनी चाहिए थी. इसके अलावा कोडरमा, साहिबगंज, गुमला, गिरिडीह और हजारीबाग में भी बारिश सामान्य से कम रही है. हालांकि, पिछले 24 घंटे में राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई. रांची के कांके में 220 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि नाला में 202.6 मिलीमीटर बारिश हुई.
लगातार तीसरे साल सामान्य मानसून की उम्मीद
झारखंड में इस साल हुई अच्छी बारिश के कारण लगातार तीसरे साल मानसून सामान्य रहने की उम्मीद बढ़ गई है. पिछले वर्ष मानसून सीजन में राज्य में सामान्य से करीब 17 प्रतिशत अधिक बारिश हुई थी. वर्ष 2024 में सामान्य से केवल 1 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, जबकि 2023 में सामान्य से करीब 23 प्रतिशत कम बारिश हुई थी. इस साल बंगाल की खाड़ी में लगातार बन रहे निम्न दबाव के क्षेत्रों के कारण झारखंड में बारिश की गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं. मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, 9 सितंबर और सितंबर के तीसरे सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में नए मौसम सिस्टम बनने की संभावना है. इनके प्रभाव से झारखंड में एक बार फिर अच्छी बारिश हो सकती है. मानसून की वापसी में अभी करीब 28 दिन बाकी हैं. इस दौरान करीब 200 मिलीमीटर और बारिश होने पर पूरे मानसून सीजन का सामान्य कोटा भी पूरा हो सकता है.
डैम में पर्याप्त पानी, गर्मी में मिल सकती है राहत
अच्छी मानसूनी बारिश का असर झारखंड के जलाशयों और प्रमुख डैम के जलस्तर पर भी दिखाई दे रहा है. फिलहाल राज्य के सभी प्रमुख डैम में पर्याप्त मात्रा में पानी मौजूद है. इससे आने वाले गर्मी के मौसम में पेयजल संकट का खतरा कम होने की उम्मीद है. झारखंड में मानसून के दौरान सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 1022 मिलीमीटर माना जाता है. यदि मानसून की वापसी से पहले राज्य में लगभग 200 मिलीमीटर और बारिश हो जाती है, तो पूरे सीजन का सामान्य बारिश का कोटा पूरा होने की संभावना है. पर्याप्त जलस्तर रहने से पेयजल के साथ-साथ सिंचाई और अन्य जरूरतों के लिए भी पानी उपलब्ध रहने की उम्मीद है. हालांकि, जिलावार बारिश में अंतर को देखते हुए कम बारिश वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बनी हुई है.

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