Jharkhand Weather: झारखंड के 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, आंधी-वज्रपात की चेतावनी
झारखंड में मानसून फिर सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग ने 13 जिलों में भारी बारिश, आंधी और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है. रांची में इस मानसून अब तक सामान्य से 15% अधिक बारिश दर्ज की गई है.

Jharkhand Weather: झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. राजधानी रांची समेत राज्य के कई जिलों में शनिवार सुबह से बादल छाए हुए हैं और रुक-रुककर बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के दौरान राज्य के 13 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए आंधी और वज्रपात को लेकर भी चेतावनी जारी की है. रांची में इस मानसून सीजन में बारिश का आंकड़ा 1000 मिमी के पार पहुंच चुका है. 11 सितंबर तक राजधानी में सामान्य से करीब 15 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है. बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और मानसून टर्फ के कारण झारखंड में पर्याप्त नमी पहुंच रही है.
रांची में बारिश ने तोड़ा सामान्य आंकड़ा
राजधानी रांची में इस मानसून सीजन में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है. मौसम केंद्र रांची के 11 सितंबर तक के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से अब तक शहर में कुल 1043 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है. इसके मुकाबले सामान्य बारिश का आंकड़ा 910.1 मिमी है. यानी रांची में अब तक सामान्य से 132.9 मिमी, करीब 15 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है. शुक्रवार को भी राजधानी में सुबह 8:30 बजे से झमाझम बारिश हुई और कुल 6.2 मिमी पानी दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. रांची के अलावा खूंटी, सरायकेला-खरसावां समेत कई जिलों में भी बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है. बारिश के कारण तापमान में भी फिलहाल बड़ी बढ़ोतरी की संभावना नहीं है.
सितंबर में अब तक दो-तिहाई बारिश पूरी
सितंबर महीने में भी रांची में बारिश सामान्य आंकड़े के काफी करीब पहुंच चुकी है. पूरे सितंबर में राजधानी के लिए सामान्य बारिश करीब 212 मिमी मानी जाती है. वहीं, 11 सितंबर तक रांची में करीब 141 मिमी बारिश रिकॉर्ड हो चुकी है. इस हिसाब से महीने की सामान्य बारिश का लगभग 66 प्रतिशत हिस्सा महज 11 दिनों में ही पूरा हो गया है. अब सितंबर का सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा करने के लिए करीब 71 मिमी बारिश की जरूरत है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 17 सितंबर तक राज्य में रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है. ऐसे में रांची में सितंबर की सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा होने की उम्मीद है. अगले 24 घंटे के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है. इसके बाद अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है.
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से झारखंड में पहुंच रही नमी
झारखंड में बारिश की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में बना मौसम का सिस्टम और मानसून टर्फ का प्रभाव बताया जा रहा है. मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम मध्य हिस्से और दक्षिण ओडिशा-उत्तर आंध्र प्रदेश तट के पास निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इसके साथ ही मानसून टर्फ के प्रभाव से झारखंड में लगातार पर्याप्त मात्रा में नमी पहुंच रही है. इसी वजह से रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर बना हुआ है. हालांकि, मौसम में जल्द बदलाव के संकेत भी मिल रहे हैं. साइक्लोनिक सर्कुलेशन के ओडिशा और आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ने के कारण 12 सितंबर की दोपहर के बाद झारखंड में मौसम में सुधार शुरू हो सकता है. 13 सितंबर से राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मौसम के काफी हद तक साफ होने की संभावना जताई गई है.
डैम में बढ़ा जलस्तर, गर्मी में राहत की उम्मीद
झारखंड में लगातार हो रही बारिश का सकारात्मक असर राज्य के प्रमुख जलाशयों पर भी दिखाई दे रहा है. राजधानी रांची के गोंदा डैम का जलस्तर बढ़कर 27 फीट तक पहुंच गया है, जबकि इसकी कुल क्षमता 28 फीट बताई गई है. इसी तरह गेतलसूद डैम में भी पानी का स्तर करीब 32 फीट तक पहुंच चुका है. जलाशयों में पर्याप्त पानी जमा होने से अगले साल गर्मी के मौसम में राजधानी में पेयजल संकट की आशंका कम मानी जा रही है. हालांकि, गर्मी के दौरान पानी की उपलब्धता पूरी तरह मौसम की स्थिति और जलाशयों में मौजूद जलस्तर पर निर्भर करेगी. लगातार बारिश से जलस्रोतों को राहत मिली है और भूजल स्तर में भी सुधार की उम्मीद है. प्रशासन और जलापूर्ति विभाग के लिए पर्याप्त जल भंडारण गर्मी के दौरान बड़ी राहत साबित हो सकता है. आने वाले महीनों में जलाशयों के जलस्तर पर लगातार नजर रखना जरूरी होगा.
दुर्गापूजा पर कम बारिश के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 20 सितंबर तक झारखंड के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और रुक-रुककर हल्की बारिश होने की संभावना बनी हुई है. मौजूदा साइक्लोनिक सर्कुलेशन कमजोर होने के बाद राज्य के कुछ हिस्सों में कुछ दिनों तक बारिश से राहत मिल सकती है. इस दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक की बढ़ोतरी संभव है. हालांकि, वातावरण में नमी बनी रहने के कारण बंगाल की खाड़ी में दोबारा निम्न दबाव का क्षेत्र बनने पर झारखंड में बारिश लौट सकती है. मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के मुताबिक, ऐसी स्थिति में राज्य के कई इलाकों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ बारिश होने की संभावना रहेगी. वहीं, झारखंड से मानसून की वापसी 10 से 12 अक्टूबर के बीच होने का अनुमान है. ऐसे में दशहरा और दुर्गापूजा के दौरान बारिश से बड़े व्यवधान की आशंका फिलहाल कम बताई जा रही है.
अलनीनो के असर से इस बार कैसी रहेगी सर्दी?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस वर्ष अलनीनो का प्रभाव नवंबर-दिसंबर तक बने रहने की संभावना है. इसके कारण झारखंड समेत देश के कई हिस्सों में सर्दी सामान्य से कम रहने का अनुमान जताया जा रहा है. वहीं, सर्दी के बाद गर्मी अपेक्षाकृत अधिक पड़ सकती है. देशभर में अब तक सामान्य के मुकाबले करीब 15 से 20 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि झारखंड में बारिश की कमी लगभग 3 प्रतिशत बताई गई है. हालांकि, राज्य के सभी जिलों में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहा है. कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि कुछ इलाकों में बारिश अपेक्षाकृत कम रही है. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए मौसमी सिस्टम राज्य में बारिश की स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए अलग-अलग जिलों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी होगा.

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