चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का कहर: 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं, भारी बारिश; झारखंड समेत 9 राज्यों में अलर्ट
चक्रवाती तूफान अर्नब के कारण आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं का असर दिख रहा है. झारखंड के कई जिलों में भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.

National News:- चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई है. आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के बीच लैंडफॉल के दौरान तूफान की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि हवा के झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचे. भारी बारिश, जलभराव और तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ उखड़ गए तथा बिजली के खंभे गिर गए. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में करंट लगने से एक व्यक्ति की मौत हुई है. झारखंड समेत कई राज्यों में भी तूफान का असर देखने को मिल रहा है.
यानम और काकीनाडा के बीच लैंडफॉल, तटीय इलाकों में भारी बारिश
चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ बुधवार सुबह पुडुचेरी के यानम और आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के बीच लैंडफॉल करने की खबर है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लैंडफॉल की प्रक्रिया रात करीब 1:20 बजे शुरू हुई और सुबह लगभग 5 बजे पूरी हुई. तूफान के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के काकीनाडा, कोनासीमा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, अनाकापल्ली और विशाखापत्तनम जिलों में भारी बारिश हुई. कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई. समुद्र में 1.5 से 2.5 मीटर तक ऊंची लहरें उठने से तटीय क्षेत्रों में पानी घुसने की खबर है. तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त हुए तथा सड़कों पर पानी भर गया. इस दौरान बाढ़ में फंसे चार लोगों को सुरक्षित बचाया गया. प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं.
आंध्र प्रदेश में 90 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
चक्रवात के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने संवेदनशील और निचले इलाकों से करीब 90 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. प्रभावित लोगों के लिए 200 से अधिक राहत शिविर तैयार किए गए. गर्भवती महिलाओं को भी एहतियातन अस्पतालों में शिफ्ट किया गया.प्रशासन की ओर से लोगों को समुद्र तटों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है. बिजली के टूटे तारों और तेज हवाओं से क्षतिग्रस्त पेड़ों के कारण भी सतर्कता बरतने को कहा गया है.
पुडुचेरी के यानम में गिरे पेड़, NDRF की टीम तैनात
चक्रवात का असर पुडुचेरी के यानम में भी देखने को मिला. तेज हवाओं के कारण एक बड़ा पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे आसपास के तीन घर प्रभावित हुए. घटना के बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम मौके पर पहुंची और पेड़ हटाने का काम शुरू किया. NDRF कमांडर ईश्वर राव गडे के मुताबिक, पेड़ गिरने से पहले ही घरों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था. इस घटना में किसी की जान नहीं गई. रास्ता साफ करने के लिए NDRF के 30 जवानों की टीम तैनात की गई.
ओडिशा में भी भारी बारिश, करीब 48 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे
आंध्र प्रदेश के बाद ओडिशा में भी चक्रवात का असर दिखाई दिया. गंजाम, गजपति, मलकानगिरी, कोरापुट, नबरंगपुर और रायगढ़ा जिलों में भारी बारिश की आशंका के बीच प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए.उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ओडिशा में करीब 48 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. प्रभावित जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद रखने जैसे कदम भी उठाए गए, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. इसके अलावा छत्तीसगढ़ के बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा में हल्की बारिश की खबर है. तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पुडुचेरी में भी मौसम प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है.
झारखंड में भी चक्रवात का असर, कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर झारखंड में भी दिखाई देने लगा है. मंगलवार देर रात जमशेदपुर के कुछ इलाकों में बारिश हुई, जबकि बुधवार सुबह रांची में भी बारिश दर्ज की गई. ओडिशा से सटे सिंहभूम क्षेत्र में तूफान और बारिश का प्रभाव पहले दिखने की आशंका जताई गई है. मौसम विभाग ने रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, बोकारो, सरायकेला-खरसावां तथा पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी दी है. इन इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग के अधिकारी अभिषेक आनंद के मुताबिक, झारखंड की भौगोलिक स्थिति के कारण सिंहभूम क्षेत्र में इसका असर पहले दिखाई दे सकता है. बारिश और तूफान के कारण राज्य के तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है.
रांची में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल बंद रखने का आदेश
मौसम की स्थिति को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिले के सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों में केजी से 12वीं तक की कक्षाएं 28 और 29 अक्टूबर को स्थगित रखने का आदेश जारी किया गया है. रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए. बिजली विभाग को सतर्क रहने और रांची नगर निगम की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को जलजमाव से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रखने की जानकारी दी गई है.
झारखंड से गुजरने वाली कई ट्रेनें रद्द
चक्रवात और भारी बारिश की आशंका के बीच रेल परिचालन पर भी असर पड़ा है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, झारखंड से होकर गुजरने वाली या यहां से चलने वाली कम से कम आधा दर्जन ट्रेनों को रद्द किया गया है. यात्रियों को सलाह है कि यात्रा पर निकलने से पहले संबंधित ट्रेन की स्थिति रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से जांच लें.
उड़ानों पर भी असर की आशंका, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने की समीक्षा
चक्रवात को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने विमानन सुरक्षा और उड़ानों की स्थिति की समीक्षा के लिए बैठक की. मंत्रालय के अनुसार, तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा, जिसमें भुवनेश्वर भी शामिल है, से आने-जाने वाली उड़ानें सबसे अधिक प्रभावित हो सकती हैं. हैदराबाद, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर की उड़ानों में भी देरी की आशंका जताई गई है. मंत्रालय ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA), एयरलाइंस, एयरपोर्ट ऑपरेटरों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के बीच समन्वय पर जोर दिया है.
लोगों से सतर्क रहने की अपील
चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए तटीय इलाकों और भारी बारिश की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है. प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना, जलभराव वाले रास्तों से दूर रहना और टूटे बिजली के तारों के पास नहीं जाना बेहद जरूरी है.

