रांची के सेल सिटी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट: धमाके से दहली पॉश सोसाइटी, फ्लैट में लगी भीषण आग
“रांची के सेल सिटी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट के बाद फ्लैट में भीषण आग लग गई, जिससे पूरी सोसाइटी में अफरा-तफरी मच गई. धमाका इतना तेज था कि आसपास के फ्लैट्स भी हिल गए. दमकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, जिससे बड़ा हादसा टल गया. फिलहाल पुलिस ब्लास्ट के कारणों की जांच कर रही है.”

Ranchi के पुंदाग ओपी क्षेत्र स्थित सेल सिटी में मंगलवार दोपहर हुए गैस सिलेंडर ब्लास्ट ने पूरे इलाके को दहला दिया. ब्लॉक E-1 के एक फ्लैट में अचानक हुए जोरदार धमाके के बाद आग की भीषण लपटें उठने लगीं, जिससे कुछ ही मिनटों में पूरा फ्लैट जलकर खाक हो गया. धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के फ्लैट्स की खिड़कियां और दरवाजे तक हिल गए, जबकि लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए. पॉश सोसाइटी में हुई इस घटना से अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए इलाके में दहशत का माहौल बन गया. राहत की बात यह रही कि समय रहते दमकल और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई, जिससे आग को अन्य फ्लैट्स तक फैलने से रोक लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया.
धमाके के बाद मिनटों में आग ने लिया विकराल रूप
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना दोपहर के समय हुई जब फ्लैट के अंदर अचानक तेज धमाका हुआ. धमाके के तुरंत बाद रसोई क्षेत्र से आग की ऊंची-ऊंची लपटें निकलने लगीं, जिसने देखते ही देखते पूरे फ्लैट को अपनी चपेट में ले लिया. आग इतनी तेजी से फैली कि घर के भीतर रखा फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया. धुएं का घना गुबार आसपास के फ्लैट्स तक फैल गया, जिससे लोगों में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ गई.
स्थानीय लोगों की कोशिश नाकाम, दमकल ने संभाली स्थिति
धमाके की आवाज सुनते ही सोसाइटी के सुरक्षाकर्मी और निवासी मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की. हालांकि आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि शुरुआती प्रयास सफल नहीं हो सके. सूचना मिलने के बाद पुंदाग ओपी पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. समय पर कार्रवाई के कारण आग को अन्य फ्लैट्स में फैलने से रोक लिया गया, जिससे बड़ी जनहानि टल गई.
जांच शुरू, ब्लास्ट के कारणों की तलाश
फिलहाल पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सिलेंडर ब्लास्ट किन परिस्थितियों में हुआ. प्रारंभिक तौर पर रसोई गैस से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ी या लापरवाही की आशंका जताई जा रही है.घटना ने एक बार फिर घनी आबादी वाले इलाकों और अपार्टमेंट्स में गैस सिलेंडर के सुरक्षित उपयोग को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रशासन अब सुरक्षा मानकों की समीक्षा और जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दे सकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.

