Fuel Price Hike : पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, 9 दिनों में तीसरी बार बढ़े दाम
“देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम लोगों की चिंता बढ़ गई है. राजधानी New Delhi में पेट्रोल 99.51 रुपए और डीजल 92.49 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है. वहीं Ranchi में पेट्रोल 102.60 रुपए और डीजल 97.66 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है.”

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ने लगा है. नई दरों के लागू होने के बाद राजधानी New Delhi में पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है. वहीं Ranchi समेत कई शहरों में ईंधन के दाम 100 रुपए के पार बने हुए हैं. लगातार बढ़ रही कीमतों का असर परिवहन, रोजमर्रा की जरूरतों और बाजार की लागत पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ CNG की कीमतों में भी इजाफा किया गया है, जिससे वाहन चालकों की चिंता और बढ़ गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और सरकारी तेल कंपनियों पर बढ़ते दबाव के कारण यह फैसला लिया गया है. बीते कुछ दिनों में लगातार हुई बढ़ोतरी ने महंगाई को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
दिल्ली और रांची समेत कई शहरों में बढ़े दाम
नई दरों के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर महंगा होकर 99.51 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है. वहीं डीजल की कीमत में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके बाद इसकी कीमत 92.49 रुपए प्रति लीटर हो गई.
रांची में पेट्रोल 102.60 रुपए और डीजल 97.66 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है. इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में CNG की कीमतों में भी 1 रुपए प्रति किलो की वृद्धि की गई है. नई कीमत लागू होने के बाद CNG अब 81.09 रुपए प्रति किलो की दर से मिल रही है.
9 दिनों में तीसरी बार हुई बढ़ोतरी
बीते 9 दिनों के भीतर ईंधन की कीमतों में यह तीसरी बढ़ोतरी मानी जा रही है. इससे पहले 15 मई और 19 मई को भी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए थे. लगातार हो रही वृद्धि का असर माल ढुलाई, सार्वजनिक परिवहन और घरेलू खर्चों पर पड़ सकता है.
जानकारों के अनुसार लंबे समय तक कीमतें स्थिर रहने के बाद अब तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से कीमतों में बदलाव कर रही हैं. हालांकि लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने राहत देते हुए पेट्रोल-डीजल पर 2 रुपए प्रति लीटर की कटौती की थी.
कच्चे तेल की कीमतों से बढ़ा दबाव
सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण सरकारी तेल कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है. Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum जैसी कंपनियों को ऊंची लागत का सामना करना पड़ रहा है.
सरकार के मुताबिक तेल कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और LPG की बिक्री पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था. इसी कारण कीमतों में संशोधन जरूरी माना गया. इससे पहले केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर उपभोक्ताओं को राहत दे चुकी है, लेकिन अब वैश्विक बाजार की स्थिति का असर घरेलू कीमतों पर साफ दिखाई देने लगा है.

