क्रिप्टो टैक्स से लेकर GST सुधार तक: बजट 2026 की 7 बड़ी उम्मीदें
Union Budget 2026 को लेकर मिडिल क्लास और इंडस्ट्री की उम्मीदें बढ़ गई हैं. इनकम टैक्स में राहत, GST सुधार, सस्ते घर और एविएशन सेक्टर को सपोर्ट जैसे मुद्दों पर इस बजट में बड़े ऐलान की संभावना जताई जा रही है.

1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रिकॉर्ड 9वीं बार केंद्रीय बजट पेश करेंगी. सुबह 11 बजे संसद में पेश होने वाले इस बजट पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं. महंगाई, टैक्स बोझ और रोजगार के दबाव के बीच आम आदमी, खासकर मिडिल क्लास, को इनकम टैक्स में राहत की उम्मीद है. वहीं इंडस्ट्री जगत GST, क्रेडिट सपोर्ट और कंप्लायंस को आसान करने की मांग कर रहा है. आर्थिक सर्वेक्षण पहले ही यह संकेत दे चुका है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है और 2026 में 7.4% की ग्रोथ संभव है. ऐसे में बजट 2026 से उम्मीद की जा रही है कि यह खपत बढ़ाने, निवेश को गति देने और 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य की नींव को मजबूत करेगा. सैलरीड क्लास, स्टार्टअप्स, रियल एस्टेट, एविएशन, हेल्थकेयर और डिजिटल सेक्टर—हर वर्ग इस बजट से ठोस फैसलों की उम्मीद लगाए बैठा है.
मिडिल क्लास को टैक्स राहत की उम्मीद
बजट 2026 से सबसे ज्यादा उम्मीदें मिडिल क्लास और नौकरीपेशा लोगों को हैं. महंगाई के बीच लोगों की डिस्पोजेबल इनकम पर दबाव बढ़ा है. ऐसे में सरकार टैक्स स्लैब में बदलाव कर सकती है.
मुख्य उम्मीदें:
• इनकम टैक्स स्लैब को सरल बनाना
• स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी
• बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ाना
• नई टैक्स रिजीम को और आकर्षक बनाना
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर टैक्स में राहत मिलती है, तो इससे खपत बढ़ेगी, जिसका सीधा फायदा अर्थव्यवस्था और बाजार को मिलेगा. सीनियर सिटीजन और हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़े डिडक्शन बढ़ाने की भी मांग जोर पकड़ रही है.
रियल एस्टेट सेक्टर: सस्ते घर पर फोकस
रियल एस्टेट सेक्टर की नजर बजट में दीर्घकालिक सुधारों पर है. देश में अब भी करोड़ों घरों की कमी है, खासकर अफोर्डेबल हाउसिंग में.
सेक्टर की मांगें:
• सस्ते घरों के लिए टैक्स इंसेंटिव
• होम लोन ब्याज पर ज्यादा छूट
• NBFC और AIF के जरिए क्रेडिट सपोर्ट
• प्रोजेक्ट अप्रूवल प्रक्रिया में सरलता
इंडस्ट्री का मानना है कि अगर सरकार हाउसिंग को केवल शॉर्ट-टर्म राहत नहीं, बल्कि स्ट्रक्चरल सुधार के तौर पर देखे, तो इससे रोजगार और शहरी विकास दोनों को मजबूती मिलेगी.
एविएशन सेक्टर: ATF को GST में लाने की मांग
एविएशन इंडस्ट्री लंबे समय से एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) को GST के दायरे में लाने की मांग कर रही है. अभी ATF पर एक्साइज और राज्य स्तर का VAT लगता है.
फायदे क्या होंगे?
• एयरलाइंस की ऑपरेटिंग कॉस्ट कम होगी
• इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ मिलेगा
• हवाई टिकट सस्ते हो सकते हैं
• एयर नेटवर्क का विस्तार संभव होगा
अगर बजट 2026 में इस दिशा में कदम उठता है, तो यह यात्रियों और एयरलाइंस—दोनों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है.
क्रिप्टो टैक्स को लेकर क्या उम्मीदें
भारत में क्रिप्टो निवेश तेजी से बढ़ा है, लेकिन टैक्स नियम अब भी सख्त हैं. फिलहाल VDA पर 30% फ्लैट टैक्स लगता है.
क्रिप्टो सेक्टर की मांग:
• टैक्स स्ट्रक्चर को सरल बनाना
• लॉन्ग-टर्म और शॉर्ट-टर्म गेन में अंतर
• नियमों में स्पष्टता
उम्मीद है कि बजट 2026 में सरकार सख्ती बढ़ाने की बजाय स्पष्ट और संतुलित नियमों पर फोकस करेगी, ताकि निवेशकों का भरोसा बना रहे.
GST सुधार और इंडस्ट्री की अपेक्षाएं
सेवा क्षेत्र और MSMEs GST को लेकर सुधार की मांग कर रहे हैं. 18% GST को कई सेक्टर ज्यादा मानते हैं.
मुख्य सुझाव:
• कुछ सेवाओं पर GST 12% किया जाए
• इनपुट टैक्स क्रेडिट जल्दी मिले
• कंप्लायंस प्रक्रिया आसान हो
विशेषज्ञों का कहना है कि इससे छोटे कारोबारियों को राहत मिलेगी और डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी.
आर्थिक सर्वेक्षण से मिले संकेत
आर्थिक सर्वेक्षण ने सरकार को मजबूत बैकग्राउंड दिया है.
मुख्य आंकड़े:
• 2026 में GDP ग्रोथ: 7.4%
• टैक्स बेस में बड़ा विस्तार
• व्यक्तिगत आयकर संग्रह में बढ़ोतरी
सरकार का फोकस अब फिस्कल घाटे को नियंत्रण में रखते हुए ग्रोथ बनाए रखने पर है.
उम्मीदें
• बजट 2026 मिडिल क्लास की क्रय शक्ति बढ़ाने पर केंद्रित हो सकता है
• टैक्स राहत से खपत और मांग को बढ़ावा मिलेगा
• रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर से रोजगार सृजन होगा
• एविएशन और ट्रैवल सेक्टर को लागत में राहत मिल सकती है
• GST सुधार से MSMEs और सर्विस सेक्टर मजबूत होंगे
• स्टार्टअप्स के लिए वर्किंग कैपिटल आसान हो सकता है
• हेल्थकेयर और शिक्षा पर खर्च बढ़ने की संभावना
• डिजिटल और AI आधारित सेक्टर को नीतिगत समर्थन
• फिस्कल घाटे पर नियंत्रण से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा
• 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में मजबूत कदम

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