सारंडा में डबल संकट: नक्सल ऑपरेशन के बीच मलेरिया का प्रकोप, 5 जवान एयरलिफ्ट
“सारंडा जंगल में नक्सल विरोधी अभियान के बीच सुरक्षा बलों को मलेरिया के बढ़ते प्रकोप से जूझना पड़ रहा है. बालिबा कैंप में तैनात कोबरा बटालियन के पांच जवानों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है.”

झारखंड के घने सारंडा जंगल में सुरक्षा बल इन दिनों दोहरी चुनौती का सामना कर रहे हैं. एक ओर नक्सल विरोधी अभियान तेज किया गया है, तो दूसरी तरफ कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच मलेरिया का प्रकोप तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है. लगातार चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों को आईईडी के खतरे, भीषण गर्मी और अब मच्छरों के बढ़ते प्रभाव से जूझना पड़ रहा है. जंगल के अंदर लंबे समय तक ड्यूटी करने के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तेजी से सामने आ रही हैं. इस स्थिति ने न सिर्फ जवानों की सेहत पर असर डाला है, बल्कि ऑपरेशन की गति और प्रभाव पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इस चुनौती से निपटने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं.
अचानक बिगड़ी तबीयत, जवानों को एयरलिफ्ट
मंगलवार को बालिबा कैंप में तैनात कोबरा बटालियन के पांच जवानों की अचानक तबीयत बिगड़ गई. जांच में सभी में मलेरिया के गंभीर लक्षण पाए गए. हालात को देखते हुए तुरंत उन्हें एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है. इससे पहले भी एक जवान ऑपरेशन के दौरान बेहोश हो गया था, जिसे तत्काल हेलीकॉप्टर के जरिए बाहर लाना पड़ा.
ऑपरेशन पर पड़ रहा असर
सारंडा में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के बीच जवानों का बीमार पड़ना सुरक्षा बलों के लिए चिंता का विषय बन गया है. लगातार स्वास्थ्य समस्याओं के कारण ऑपरेशन की रफ्तार प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है. दुर्गम इलाके और सीमित संसाधनों के चलते चुनौती और बढ़ गई है.
एक जवान की मौत से बढ़ी चिंता
मलेरिया के कारण एक जवान की मौत ने स्थिति की गंभीरता को और स्पष्ट कर दिया है. असम निवासी 42 वर्षीय जवान आनंद सिंघा का इलाज के दौरान निधन हो गया. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अब ऑपरेशन के साथ-साथ जवानों की स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दे रही हैं, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.

