झारखंड-बंगाल बॉर्डर पर चेकिंग में फंसे धनबाद थानेदार, गाड़ी से ढाई लाख नकद बरामद, जांच तेज
“झारखंड-बंगाल बॉर्डर पर चुनावी चेकिंग के दौरान धनबाद के एक थाना प्रभारी की गाड़ी से ₹2.5 लाख नकद बरामद होने से हड़कंप मच गया. संतोषजनक जवाब न मिलने पर अधिकारी से लंबी पूछताछ की गई और मामला चुनाव आयोग के संज्ञान में पहुंच गया है.”

Dhanbad से सटे झारखंड-पश्चिम बंगाल बॉर्डर पर चुनावी चेकिंग के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. देबूडीह चेकपोस्ट पर सघन वाहन जांच के बीच पुलिस ने एक निजी वाहन से करीब ढाई लाख रुपये नकद बरामद किए, जो कथित तौर पर धनबाद के एक थाना प्रभारी की गाड़ी बताई जा रही है. West Bengal में होने वाले चुनाव के मद्देनजर लागू आचार संहिता के कारण सीमा पर सख्त निगरानी की जा रही है. बरामद रकम के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. अब मामला चुनाव आयोग के संज्ञान में है और आगे की कार्रवाई जारी है, जिससे प्रशासनिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है.
चुनावी चेकिंग में खुलासा
जानकारी के अनुसार झारखंड-पश्चिम बंगाल सीमा पर देबूडीह चेकपोस्ट में रोजाना सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. इसी दौरान जीटी रोड से गुजर रही एक निजी गाड़ी को रोककर तलाशी ली गई. शुरुआत में वाहन को थाना प्रभारी का बताकर जांच से बचने की कोशिश की गई, लेकिन सख्ती से चेकिंग करने पर गाड़ी से ढाई लाख रुपये नकद बरामद हुए.
पांच घंटे तक पूछताछ, नहीं दे पाए संतोषजनक जवाब
नकदी बरामद होने के बाद संबंधित थाना प्रभारी को हिरासत में लेकर करीब पांच घंटे तक पूछताछ की गई. सूत्रों के मुताबिक अधिकारी न तो रकम का स्पष्ट स्रोत बता सके और न ही यह जानकारी दे पाए कि पैसे किस उद्देश्य से ले जाए जा रहे थे. इसके बाद मामले को गंभीर मानते हुए जांच एजेंसियों ने पूरी प्रक्रिया को रिकॉर्ड में लिया.
आचार संहिता के उल्लंघन की जांच, आयोग की नजर
Election Commission of India द्वारा चुनावी आचार संहिता लागू होने के कारण सीमा क्षेत्रों में नकदी के आवागमन पर कड़ी नजर रखी जा रही है. नियमों के मुताबिक बड़ी रकम ले जाने पर वैध दस्तावेज और स्पष्ट जानकारी देना जरूरी होता है. इस मामले में फ्लाइंग स्क्वाड टीम ने भी पूछताछ की है और अब पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है. प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि बरामद रकम का इस्तेमाल कहीं चुनावी गतिविधियों में तो नहीं किया जाना था.

