महिला आरक्षण लागू करने की मांग तेज, 21 जुलाई को 'चलो संसद' आंदोलन का ऐलान : सुधा प्रसाद
“महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव सुधा प्रसाद ने नारी वंदन अधिनियम को जल्द लागू करने की मांग की है. उन्होंने 21 जुलाई को दिल्ली में ‘चलो संसद’ कार्यक्रम के तहत संसद घेराव का ऐलान करते हुए कहा कि महिला आरक्षण कानून में देरी के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन तेज किया जाएगा. ”

रिपोर्टर : संजय मुंडा
Ranchi: अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव सुधा प्रसाद ने नारी वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण कानून) को तत्काल लागू करने की मांग करते हुए 21 जुलाई को दिल्ली में 'चलो संसद' कार्यक्रम के तहत संसद घेराव का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता पहले जंतर-मंतर पर धरना देंगी और इसके बाद संसद की ओर मार्च करेंगी. प्रेसवार्ता में सुधा प्रसाद ने कहा कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण कानून पारित होने के बावजूद अब तक लागू नहीं किया गया है. सरकार परिसीमन और जनगणना का हवाला देकर कानून के क्रियान्वयन में देरी कर रही है. उन्होंने मांग की कि महिला आरक्षण के साथ एससी, एसटी और ओबीसी महिलाओं को भी उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि यदि सरकार जल्द कानून लागू नहीं करती है तो महिला कांग्रेस देशव्यापी आंदोलन को और तेज करेगी. उन्होंने दावा किया कि पोस्टकार्ड, हस्ताक्षर और मिस्ड कॉल अभियान को पूरे देश में व्यापक समर्थन मिला है. साथ ही आरोप लगाया कि सरकार ने पोस्टकार्ड की उपलब्धता कम कर अभियान को प्रभावित करने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ताओं ने वैकल्पिक व्यवस्था कर अभियान जारी रखा.
भाजपा पर निशाना साधते हुए सुधा प्रसाद ने कहा कि यदि सरकार की मंशा साफ होती तो महिला आरक्षण कानून तुरंत लागू कर दिया जाता. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं को वास्तविक राजनीतिक भागीदारी देने के बजाय केवल राजनीतिक संदेश देने का प्रयास कर रही है. परिसीमन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आशंका है कि महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़कर राजनीतिक लाभ लेने की रणनीति अपनाई जा रही है, जबकि कांग्रेस बिना किसी देरी के कानून लागू करने की पक्षधर है.
लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण आंदोलन हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है. उन्होंने वांगचुक से स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील भी की.
प्रेसवार्ता के अंत में सुधा प्रसाद ने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों को कमजोर कर रही है. उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए संवैधानिक अधिकारों के अनुरूप महिला आरक्षण कानून को बिना किसी देरी के लागू किया जाना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक नारी वंदन अधिनियम लागू नहीं होगा, तब तक महिला कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा.

