धनबाद में दिल दहला देने वाली घटना: 5 दिन तक घर में पड़ा रहा शव, भाई ने बाथरूम में किया अंतिम संस्कार
“गोविंदपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है. वास्तु विहार कॉलोनी के एक घर में एक युवती का शव करीब पांच दिनों तक पड़ा रहा और अंततः उसके ही भाई ने बाथरूम में उसका अंतिम संस्कार कर दिया. ”

Dhanbad: गोविंदपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है. वास्तु विहार कॉलोनी के एक घर में एक युवती का शव करीब पांच दिनों तक पड़ा रहा और अंततः उसके ही भाई ने बाथरूम में उसका अंतिम संस्कार कर दिया. घटना का खुलासा तब हुआ जब घर से तेज दुर्गंध और जलने की बदबू फैलने लगी, जिससे आसपास के लोग परेशान हो गए और पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने बाथरूम से जला हुआ शव बरामद किया और जांच शुरू कर दी. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवती लंबे समय से मानसिक तनाव में थी और परिवार भी सामाजिक रूप से अलग-थलग रह रहा था. यह घटना न केवल मानवीय संवेदनाओं को झकझोरती है, बल्कि सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य के गंभीर पहलुओं की ओर भी इशारा करती है.
पुलिस ने बाथरूम से बरामद किया शव
घटना की सूचना मिलने पर Jharkhand Police की टीम मौके पर पहुंची और घर के बाथरूम से जली हुई लाश बरामद की. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. शुरुआती जांच में यह मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, इसलिए सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है. अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा. फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है.
परिवार की पृष्ठभूमि और अकेलापन
जिस घर में यह घटना हुई, वह Central Institute of Mining and Fuel Research (CIMFR) के रिटायर्ड वैज्ञानिक संगीत कुमार का बताया जा रहा है, जिनकी 2023 में मृत्यु हो चुकी है. उनकी तलाकशुदा बेटी लिपिका लंबे समय से डिप्रेशन में थी और अकेले रह रही थी. धीरे-धीरे परिवार के अन्य सदस्य भी समाज से कटते चले गए और लोगों से दूरी बना ली. पड़ोसियों के अनुसार, परिवार का बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग खत्म हो चुका था, जिससे इस घटना की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी.
भाइयों के अलग-अलग बयान
मामले में मृतका के भाइयों के बयान एक-दूसरे से अलग हैं. बड़े भाई प्रणव का कहना है कि उसकी बहन की मौत 8 तारीख को तबीयत बिगड़ने के कारण हुई थी. उसने दावा किया कि शव खराब होने लगा था, इसलिए उसने घर में ही अंतिम संस्कार कर दिया. वहीं छोटे भाई प्रबुद्ध राजवर्धन ने बताया कि जब वह अंतिम संस्कार का सामान लेकर पहुंचा, तब तक बड़े भाई यह काम कर चुके थे. दोनों के बयानों में विरोधाभास होने के कारण पुलिस मामले को गंभीरता से जांच रही है.
घटना का खुलासा कैसे हुआ
इस पूरी घटना का खुलासा तब हुआ जब घर से तेज दुर्गंध और जलने की बदबू फैलने लगी. आसपास के लोगों का वहां रहना मुश्किल हो गया, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी. पुलिस के पहुंचने पर बाथरूम में जले हुए अवशेष मिले, जिससे पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ. स्थानीय लोगों के अनुसार, कई दिनों से घर बंद था और किसी तरह की गतिविधि नजर नहीं आ रही थी. बदबू बढ़ने के बाद ही लोगों को शक हुआ और उन्होंने कार्रवाई की.
अंतिम संस्कार का तरीका बना सवाल
बड़े भाई प्रणव ने बताया कि शव में कीड़े पड़ने लगे थे, इसलिए उसने तकिया, रजाई और कंबल का इस्तेमाल कर बाथरूम में ही अंतिम संस्कार कर दिया. यह दावा अपने आप में कई सवाल खड़े करता है. सामान्यतः इस तरह का कदम असामान्य और कानूनी रूप से भी संदिग्ध माना जाता है. पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या यह केवल मजबूरी में उठाया गया कदम था या इसके पीछे कोई और कारण छिपा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी.

