रामगढ़ में दामोदर नदी बनी काल: नहाने गए दो किशोर डूबे, एक की मौत, दूसरे की तलाश जारी
“रामगढ़ के गढ़बांध स्थित दामोदर नदी में नहाने के दौरान दो किशोर गहरे पानी में डूब गए. हादसे में एक किशोर की मौत हो गई, जबकि दूसरे की तलाश जारी है. तीनों किशोर घर से फुटबॉल खेलने की बात कहकर निकले थे. घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है और लोग नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग कर रहे हैं.”

Ramgarh : रामगढ़ के गढ़बांध स्थित दामोदर नदी में रविवार को दर्दनाक हादसा हो गया. नहाने के दौरान दो किशोर नदी के गहरे पानी में डूब गए. इनमें से एक किशोर की मौत हो गई, जबकि दूसरे की तलाश देर शाम तक जारी रही. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और शोक का माहौल है. जानकारी के अनुसार, तीन किशोर घर से फुटबॉल खेलने की बात कहकर निकले थे, लेकिन बाद में वे दामोदर नदी पहुंच गए. नहाने के दौरान अचानक वे गहरे पानी में चले गए और हादसा हो गया. इस घटना ने एक परिवार से उसका बेटा छीन लिया, जबकि दूसरा परिवार अब भी अपने बच्चे के लौटने की उम्मीद में इंतजार कर रहा है. स्थानीय लोग प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं.
गहरे पानी से जाने से डूब गये बच्चे
जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह 14 से 15 वर्ष उम्र के तीन किशोर अपने घरों से निकले थे. इनमें दो किशोर किसान नगर और एक बंगाली टोला क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है. तीनों गढ़बांध स्थित दामोदर नदी पहुंचे और नहाने के लिए पानी में उतर गए. इसी दौरान वे गहरे हिस्से में चले गए, जिससे स्थिति बिगड़ गई. बताया जा रहा है कि बंगाली टोला निवासी एक किशोर किसी तरह नदी से बाहर निकल आया और घर पहुंचकर परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी. इसके बाद स्थानीय लोग और परिवार के सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे.
दूसरे की तलाश में जुटे गोताखोर
घटना के बाद किसान नगर निवासी प्रिंस सोनकर को नदी से बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. वहीं वैभव नामक दूसरे किशोर का देर तक कोई पता नहीं चल सका. उसकी तलाश के लिए पतरातू से गोताखोरों की टीम बुलाई गई, जो नदी में लगातार सर्च अभियान चला रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि गढ़बांध इलाके में जलापूर्ति व्यवस्था के कारण नदी का कुछ हिस्सा काफी गहरा हो चुका है, जिससे यहां दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है. घटनास्थल से किशोरों के कपड़े भी बरामद किए गए हैं. हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है और लोग नदी किनारे चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा घेराबंदी और निगरानी व्यवस्था बढ़ाने की मांग कर रहे हैं.

