जामताड़ा में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, पांच आरोपी गिरफ्तार; बैंक अधिकारी बनकर करते थे ऑनलाइन फ्रॉड

जामताड़ा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह के निर्देश पर करमाटांड़ और नारायणपुर थाना क्षेत्र में की गई। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 15 मोबाइल फोन, 14 सिम कार्ड, चार एटीएम कार्ड, दो लैपटॉप और 50 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक सह थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने सबसे पहले करमाटांड़ थाना क्षेत्र के मट्टांड़ गांव में छापेमारी कर दो आरोपियों को साइबर ठगी करते हुए रंगे हाथ पकड़ा। इसके बाद सियाटांड़ और झिलुवा जंगल इलाके में अभियान चलाकर एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
इसी दौरान मिली सूचना के आधार पर नारायणपुर थाना क्षेत्र के लोकनियां गांव में किशोर दास के घर पर छापा मारकर दो और साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मट्टांड़ निवासी 19 वर्षीय विष्णु मंडल, 19 वर्षीय सचिन मंडल, बॉसपहाड़ी निवासी 27 वर्षीय सागर नायक, लोकनियां निवासी 23 वर्षीय किशोर दास और पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर निवासी 25 वर्षीय विश्वजीत दास के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार विश्वजीत दास लोकनियां गांव में रहकर पूरे गिरोह का संचालन कर रहा था।
इस मामले में साइबर थाना कांड संख्या 29/26 और 30/26 दर्ज कर बीएनएस 2023, आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों को डेबिट और क्रेडिट कार्ड बंद होने का डर दिखाते थे। इसके बाद वे पीड़ितों से गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर खातों से पैसे निकाल लेते थे। इसके अलावा बिजली विभाग के अधिकारी बनकर बिजली बिल भुगतान के नाम पर भी लोगों को ठगी का शिकार बनाया जाता था। आरोपी फोनपे और गूगल पे जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर साइबर ठगी को अंजाम देते थे।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सागर नायक पहले भी साइबर थाना कांड संख्या 26/25 में आरोपी रह चुका है, जबकि किशोर दास का नाम कांड संख्या 47/20 में सामने आ चुका है। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि इस गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।

