राधाकृष्ण किशोर की सुरक्षा पर विवाद खत्म, 16 गार्डों के लिए अब रहेंगी 4 गाड़ियां
झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चल रहा विवाद खत्म हो गया है. पुलिस मुख्यालय ने 16 सुरक्षाकर्मियों के लिए चार वाहनों की व्यवस्था बरकरार रखने का आदेश जारी किया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हस्तक्षेप के बाद सुरक्षा काफिले में अतिरिक्त वाहन शामिल करने का फैसला लिया

Ranchi: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रहा विवाद फिलहाल खत्म हो गया है. पुलिस मुख्यालय ने नया आदेश जारी करते हुए उनकी सुरक्षा में तैनात 16 सुरक्षाकर्मियों के लिए चार वाहनों की व्यवस्था बरकरार रखने का फैसला किया है. इसके साथ ही पहले से आवंटित तीन सरकारी वाहन भी अगले आदेश तक सुरक्षा काफिले का हिस्सा बने रहेंगे. इस फैसले के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बनी असमंजस की स्थिति समाप्त हो गई है. वित्त मंत्री ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को गंभीरता से समझा गया.
पुलिस मुख्यालय ने जारी किया नया आदेश
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की सुरक्षा में किसी तरह की कटौती नहीं की जाएगी. पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा के निर्देश पर पुलिस महानिरीक्षक (प्रोविजन) ने आदेश जारी करते हुए सुरक्षा काफिले में वाहनों की संख्या यथावत रखने का फैसला लिया. अब मंत्री की सुरक्षा में तीन स्कॉट वाहन और एक अतिरिक्त वाहन सहित कुल चार गाड़ियां रहेंगी, ताकि 16 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती सुचारु रूप से हो सके. अधिकारियों का मानना है कि इससे सुरक्षा प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षा बल तेजी से प्रतिक्रिया दे सकेंगे.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का जताया आभार
सुरक्षा व्यवस्था बहाल होने के बाद वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी सुरक्षा से जुड़े मुद्दे की गंभीरता को समझते हुए आवश्यक संख्या में वाहन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. राधाकृष्ण किशोर ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं था, बल्कि सुरक्षा मानकों के अनुसार पर्याप्त संसाधनों की मांग करना था. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से पूरे मामले का समाधान निकल गया और अब सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह सुचारु रूप से संचालित हो सकेगी.
उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र का हवाला देकर रखी थी मांग
राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि उनका विधानसभा क्षेत्र पलामू लंबे समय तक उग्रवाद और आपराधिक गतिविधियों से प्रभावित रहा है. उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसे तत्वों के खिलाफ लगातार संघर्ष किया है, इसलिए उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी है. मंत्री के अनुसार, जब सुरक्षा में 16 गार्ड तैनात हैं तो उनके आवागमन और सुरक्षा के लिए चार वाहनों की आवश्यकता स्वाभाविक है. कम वाहनों में सभी सुरक्षाकर्मियों की प्रभावी तैनाती संभव नहीं थी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी. इसी आधार पर उन्होंने अतिरिक्त वाहन की मांग उठाई थी.
एक गाड़ी हटाने के आदेश से शुरू हुआ था विवाद
यह विवाद तब शुरू हुआ था जब विभाग के संयुक्त सचिव की ओर से वित्त मंत्री के सुरक्षा काफिले से एक वाहन वापस लेने संबंधी पत्र जारी किया गया. इस फैसले से नाराज राधाकृष्ण किशोर ने अपनी सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों और स्कॉट वाहन को वापस भेज दिया था. हालांकि सुरक्षा एजेंसियां दूर से उनकी निगरानी करती रहीं. मामले के तूल पकड़ने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हस्तक्षेप और पुलिस मुख्यालय के नए आदेश से स्थिति सामान्य हो गई. अब वित्त मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह बहाल कर दी गई है और इस विवाद पर फिलहाल विराम लग गया है.

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